आगरा में पूर्व बैंक मैनेजर को रखा कई घंटे तक डिजिटल अरेस्ट, दो युवक गिरफ्तार

आगरा में साइबर ठगों ने 71 वर्षीय पूर्व बैंक मैनेजर को महाराष्ट्र एटीएस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट किया और पाकिस्तान से खाते में 300 करोड़ रुपये आने की फर्जी कहानी सुनाकर डराया। मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी देकर आरोपियों ने उनसे 4.5 लाख रुपये वसूल लिए। साइबर पुलिस ने नगला हरमुख निवासी रवि कुमार और खेरागढ़ निवासी ऋतिक कुशवाह को गिरफ्तार किया है। दोनों के मोबाइल कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। आरोप है कि दोनों ने कंबोडिया और थाईलैंड से साइबर फ्रॉड के तरीके सीखे थे। बोकारो साइबर टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ लेकर गई है।

Sep 29, 2026 - 09:56
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आगरा में पूर्व बैंक मैनेजर को रखा कई घंटे तक डिजिटल अरेस्ट, दो युवक गिरफ्तार

पाकिस्तान से खाते में 300 करोड़ आने की सुनाई फर्जी कहानी, डरा-धमका कर 4.5 लाख ठगे, कंबोडिया-थाईलैंड से साइबर ठगी के तरीके सीखने का आरोप

आगरा। साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 71 वर्षीय पूर्व बैंक मैनेजर को कई घंटे तक भयभीत कर 4.5 लाख रुपये ठग लिए। मामले में आगरा के दो युवकों के नाम सामने आए हैं। साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नगला हरमुख निवासी रवि कुमार और खेरागढ़ निवासी ऋतिक कुशवाह को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने महाराष्ट्र एटीएस अधिकारी बनकर पूर्व बैंक मैनेजर से वीडियो कॉल पर बात की और उन्हें मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी।

महाराष्ट्र एटीएस अधिकारी बनकर की वीडियो कॉल

पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगों ने 71 वर्षीय पूर्व बैंक मैनेजर को फोन और वीडियो कॉल के जरिए अपने जाल में फंसाया। आरोपियों ने खुद को महाराष्ट्र एटीएस का अधिकारी बताया। इसके बाद बुजुर्ग को यह कहकर डराया गया कि उनके बैंक खाते में पाकिस्तान से करीब 300 करोड़ रुपये आए हैं और उनका नाम किसी गंभीर आपराधिक मामले से जुड़ा हुआ है। ठगों ने गिरफ्तारी और मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने का डर दिखाते हुए बुजुर्ग को लगातार कई घंटे तक मानसिक दबाव में रखा। डिजिटल अरेस्ट का भय पैदा कर उनसे अलग-अलग प्रक्रिया के नाम पर रकम की मांग की गई।

जेल भेजने की धमकी देकर 4.5 लाख रुपये वसूले

आरोप है कि साइबर ठगों ने पूर्व बैंक मैनेजर से कहा कि यदि उन्होंने पुलिस कार्रवाई से बचना है तो बताए गए तरीके से रकम जमा करनी होगी। डर और दबाव में आकर बुजुर्ग ने आरोपियों को करीब 4.5 लाख रुपये दे दिए। रकम मिलने के बाद भी ठगों की मांग जारी रहने पर पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ और मामले की शिकायत पुलिस से की गई।

कंबोडिया और थाईलैंड से साइबर फ्रॉड के तरीके सीखने का आरोप

जांच में पुलिस के सामने यह भी आया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों ने कथित तौर पर कंबोडिया और थाईलैंड में साइबर फ्रॉड के तौर-तरीके सीखे थे। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, उनके संपर्कों और विदेश से जुड़े कनेक्शन की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों ने इससे पहले कितने लोगों को अपना निशाना बनाया और साइबर ठगी से कितनी रकम जुटाई।

नगला हरमुख और खेरागढ़ से हुई गिरफ्तारी

साइबर पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों की पहचान की। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए नगला हरमुख से रवि कुमार और खेरागढ़ से ऋतिक कुशवाह को गिरफ्तार किया। दोनों के मोबाइल फोन पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल में मौजूद कॉल डिटेल, चैट, बैंकिंग लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।

बोकारो साइबर टीम भी जांच में जुटी

मामले की जांच में बोकारो साइबर टीम की भूमिका भी सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद बोकारो की साइबर टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ लेकर गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आगरा के दोनों आरोपी साइबर अपराध के किस नेटवर्क से जुड़े थे और देश के अन्य हिस्सों में हुई घटनाओं में उनकी क्या भूमिका रही है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर उनके नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। साथ ही बैंक खातों में हुए लेनदेन और रकम के संभावित ट्रेल की भी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।