40 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचेगा गीता ओलम्पियाड, बचपन से संस्कार और संस्कृति से जोड़ने की पहल

आगरा में बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से इस्कॉन ने इस वर्ष गीता ओलम्पियाड का विस्तार करते हुए करीब 40 हजार विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। शहर के करीब 100 स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को गीता सार की कक्षाएं कराई जा रही हैं और इसके बाद परीक्षा आयोजित की जाती है। 13 दिसंबर को सूरसदन में इंटरनेशनल गीता ओलम्पियाड का पुरस्कार वितरण समारोह होगा, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को आकर्षक उपहार दिए जाएंगे।

Oct 3, 2026 - 22:08
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40 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचेगा गीता ओलम्पियाड, बचपन से संस्कार और संस्कृति से जोड़ने की पहल
इस्कॊन द्वारा आयोजित किये जा रहे गीता ओलम्पियाड के आमंत्रण पत्र का विमोचन करते अरविंद प्रभु और अन्य।

आगरा। जीवन की कठिन परिस्थितियों में सही दृष्टिकोण और कर्तव्य का मार्ग दिखाने वाली गीता की शिक्षाओं को बच्चों तक पहुंचाने के लिए इस्कॉन द्वारा गीता ओलम्पियाड का आयोजन किया जा रहा है। श्रीजगन्नाथ मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 13 दिसंबर को सूरसदन में होने वाले पुरस्कार वितरण समारोह के आमंत्रण पत्र का विमोचन किया गया।

इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप प्रभु ने कहा कि गीता मनुष्य को मोह, चिंता, असमंजस और कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्य को लेकर पैदा होने वाले द्वंद्व से निकलने का मार्ग दिखाती है। गीता की शिक्षाएं केवल युद्धभूमि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामान्य जीवन में भी सही दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देती हैं।

उन्होंने बताया कि युवा पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने के लिए शहर के विभिन्न स्कूलों में गीता सार पढ़ाया जा रहा है। इन कक्षाओं के माध्यम से बच्चों को नैतिक, सामाजिक और पारिवारिक शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है। 13 दिसंबर को सूरसदन में इंटरनेशनल गीता ओलम्पियाड का पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। सभी विजेता प्रतिभागियों को आकर्षक उपहार प्रदान किए जाएंगे।

टूटते पारिवारिक संबंधों के बीच संस्कार जरूरी

समाजसेवी नितेश अग्रवाल और सेंट एन्ट्रूज पब्लिक स्कूल के निदेशक गिरधर शर्मा ने कहा कि गीता कर्म करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति और संस्कारों से दूर होने से रोकने के लिए समय रहते प्रयास जरूरी है। गीता ओलम्पियाड भविष्य की पीढ़ी को जागरूक करने की दिशा में एक प्रयास है।

उन्होंने कहा कि टूटते परिवार, घर-घर कलह, तलाक और अकेलेपन के साथ वृद्धाश्रमों में जीवन बिताने वाले बुजुर्ग जैसी सामाजिक समस्याओं को नियंत्रित करने में संस्कारों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। व्यक्ति का नियंत्रण उसके प्रयास पर है, परिणाम पर नहीं। गीता का यह विचार तनाव और असफलता के भय को कम करने में सहायक हो सकता है।

इस अवसर पर आशू मित्तल, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, रवि नारंग विश्वास, शाश्वत नन्दलाल, सुशील अग्रवाल, शशि सारस्वत, मनमोहिनी, अदिति गौरांगी, राजेश, सूरज, यश आदि उपस्थित रहे।

चार वर्गों में होगी परीक्षा, 40 हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य

इस वर्ष गीता ओलम्पियाड चार वर्गों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम वर्ग में कक्षा 1-2, दूसरे वर्ग में कक्षा 3-5, तीसरे वर्ग में कक्षा 6-8 और चौथे वर्ग में कक्षा 9-12 के विद्यार्थी शामिल होंगे। आयोजकों ने इस वर्ष आगरा के करीब 40 हजार विद्यार्थियों को गीता ओलम्पियाड से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

इस्कॉन की अदिति गौरांगी ने बताया कि शहर के करीब 100 छोटे-बड़े स्कूलों में, मिशनरी स्कूलों को छोड़कर, कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए गीता सार की कक्षाएं कराई जा रही हैं। कक्षा के एक सप्ताह बाद 50 अंकों की परीक्षा होती है। इसके बाद विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है।

अरविन्द प्रभु ने बताया कि जिन स्कूलों में गीता सार की कक्षाएं चलाने की अनुमति नहीं मिलती, वहां विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था भी की जाती है।

गीता ओलम्पियाड में पंजीकरण के लिए बच्चे 40 रुपये में बार कोड के माध्यम से अथवा 9927091147, 8958982047 और 9897646412 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

SP_Singh AURGURU Editor