ग्रीन गैस अपडेट का मैसेज, एपीके डाउनलोड और फिर कारोबारी के 6 लाख पार
आगरा में ग्रीन गैस अपडेट के नाम पर कारोबारी से साइबर ठगी का मामला सामने आया है। व्हाट्सअप पर आए मैसेज के जरिए कारोबारी योगेश कुमार अग्रवाल को एपीके फाइल डाउनलोड कराई गई। आरोप है कि इसके बाद मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय कर आरके मिनिरल्स के बैंक खाते से करीब 6 लाख रुपये निकाल लिए गए। साइबर क्राइम थाना आगरा में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
व्हाट्सअप पर आया था अपडेट का मैसेज, लिंक खोलते ही कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव, आरके मिनिरल्स के खाते से निकाली रकम
आगरा। साइबर ठगों ने अब ग्रीन गैस अपडेट के नाम पर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। आगरा में एक कारोबारी को व्हाट्सअप पर ग्रीन गैस अपडेट के नाम से मैसेज भेजकर एपीके फाइल डाउनलोड कराई गई। इसके बाद उसके मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय कर दी गई और कथित तौर पर इसी का फायदा उठाकर आरके मिनिरल्स के बैंक खाते से करीब 6 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना आगरा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित योगेश कुमार अग्रवाल के व्हाट्सअप पर ग्रीन गैस अपडेट के नाम से एक मैसेज आया था। मैसेज में अपडेट से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक फाइल/लिंक उपलब्ध कराया गया था। साइबर ठगों ने कथित तौर पर इसे जरूरी अपडेट बताते हुए पीड़ित को एपीके फाइल डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया।
आरोप है कि जैसे ही पीड़ित ने एपीके फाइल डाउनलोड कर उसे इंस्टॉल किया, उसके मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय हो गई। इसके बाद फोन पर आने वाली कॉल दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड होने लगीं। साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी और सत्यापन प्रक्रिया को प्रभावित किया।
कुछ समय बाद पीड़ित को अपने कारोबारी प्रतिष्ठान आरके मिनिरल्स के बैंक खाते से रकम निकलने की जानकारी हुई। शिकायत के अनुसार, खाते से करीब 6 लाख रुपये की निकासी कर ली गई थी। खाते से रकम निकलने की जानकारी सामने आते ही पीड़ित के होश उड़ गए और उसने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की।
साइबर क्राइम थाना आगरा में दी गई शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब उस व्हाट्सअप मैसेज, एपीके फाइल, मोबाइल नंबर और बैंक खाते से हुए लेनदेन की जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल कथित साइबर ठगी में किया गया।
पुलिस साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए बैंकिंग ट्रांजेक्शन की डिटेल, रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और संबंधित मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि एपीके फाइल के जरिए पीड़ित के मोबाइल में किस तरह की गतिविधि की गई और कॉल फॉरवर्डिंग किस नंबर पर सक्रिय कराई गई थी।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि साइबर ठग सरकारी या गैस सेवा से जुड़े अपडेट के नाम पर फर्जी मैसेज और एपीके फाइल भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। किसी भी अनजान स्रोत से आई एपीके फाइल को डाउनलोड करना मोबाइल और बैंकिंग सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।