आगरा में 7 अक्टूबर को गूंजेगा ‘अग्निशिखा’ का संदेश, 2000 से ज्यादा युवतियां लेंगी हिस्सा

एबीवीपी आगरा महानगर की ओर से 7 अक्टूबर को ‘अग्निशिखा युवती सम्मेलन’ आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में 2000 से अधिक छात्राओं और युवतियों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में शिक्षा, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका पर संवाद होगा। साथ ही जेन जेड युवतियों को आधुनिक शिक्षा और कार्यक्षेत्र के साथ परिवार, समाज और भारतीय संस्कृति के बीच संतुलन बनाने का संदेश दिया जाएगा।

Oct 3, 2026 - 19:59
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आगरा में 7 अक्टूबर को गूंजेगा ‘अग्निशिखा’ का संदेश, 2000 से ज्यादा युवतियां लेंगी हिस्सा
‘अग्निशिखा’ कार्यक्रम के बारे में जानकारी देंती एबीवीपी की पदाधिकारी।

एबीवीपी का युवती सम्मेलन देगा जेन जेड को नई दिशा, आधुनिकता के साथ संस्कृति और संस्कारों के समन्वय पर भी होगा संवाद

आगरा। छात्राओं और युवतियों की शैक्षणिक, सामाजिक और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) आगरा महानगर की ओर से 7 अक्टूबर को ‘अग्निशिखा युवती सम्मेलन’ आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में शिक्षा, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में युवतियों की भूमिका जैसे विषयों पर संवाद होगा। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में 2000 से अधिक छात्राओं और युवतियों के शामिल होने की संभावना है।

कार्यक्रम की तैयारियों और उद्देश्य की जानकारी देने के लिए एबीवीपी की ओर से प्रेस वार्ता आयोजित की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य युवतियों को अपनी प्रतिभा और क्षमता पहचानने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागरूक करना है।

आज की युवती भविष्य को दिशा देने वाली शक्ति

एबीवीपी की प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. नीलम कांत ने कहा कि आज की युवती केवल शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्रा नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने वाली महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने कहा कि युवतियों में प्रतिभा, नेतृत्व और निर्णय क्षमता विकसित करने के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवतियों की शिक्षा के साथ उनके व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी के भाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उनके अनुसार, युवतियां अपने ज्ञान, प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की वाहक बन सकती हैं। सम्मेलन में राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्थान में नारी की भूमिका को लेकर सार्थक संवाद आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से युवतियों को अपने अधिकारों के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति भी जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

नारी को सिर्फ घर तक सीमित समझना उचित नहीं

विभाग छात्रा प्रमुख दीक्षा चौधरी ने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी शक्ति को सम्मान और विशेष स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी महिलाओं की भूमिका को केवल परिवार तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नारी परिवार के विकास के साथ सामाजिक परिवेश में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। एबीवीपी का प्रयास है कि महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को ऐसे मंच उपलब्ध कराए जाएं, जहां वे स्वतंत्र रूप से अपने विचार रख सकें और समाज तथा राष्ट्र से जुड़े विषयों पर अपनी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित कर सकें। दीक्षा चौधरी के मुताबिक, युवतियों को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ नेतृत्व के अवसर मिलना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अग्निशिखा युवती सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

जेन जेड युवतियों के लिए संस्कृति और आधुनिकता का संदेश

एबीवीपी के प्रांत सह मंत्री पुनीत कुमार ने कहा कि सम्मेलन की थीम ‘सशक्त युवती, सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र’ की भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि युवतियों की सामाजिक सहभागिता को और व्यापक बनाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में जेन जेड छात्राओं और युवतियों की भागीदारी होगी। आधुनिक जीवनशैली, शिक्षा, परिवार और कार्यक्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी संवाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आधुनिकता का अर्थ अपनी संस्कृति और मूल्यों को छोड़ना नहीं है। युवतियों को आधुनिक शिक्षा और अवसरों के साथ अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। सम्मेलन में इसी संतुलन को लेकर भी विचार साझा किए जाएंगे।

2000 से अधिक युवतियों की भागीदारी का लक्ष्य

आयोजकों के अनुसार, अग्निशिखा युवती सम्मेलन में 2000 से अधिक छात्राओं एवं युवतियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की तैयारी है। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की ओर से सम्मेलन को लेकर महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। सम्मेलन में युवतियों को शिक्षा और करियर के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझने का अवसर मिलेगा। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल एक दिवसीय आयोजन तक सीमित न रहकर युवतियों को निरंतर सामाजिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों से जोड़ना है।

युवतियों के लिए मंच तैयार करने पर जोर

एबीवीपी पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन लंबे समय से छात्राओं और युवतियों से जुड़े विषयों को मंच देने का प्रयास कर रहा है। शिक्षा, नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता के क्षेत्रों में युवतियों की भूमिका बढ़ाना सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। प्रेस वार्ता में तपस्या त्रिपाठी ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देने के बाद शिवांग खंडेलवाल ने पत्रकारों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एबीवीपी की राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य सुमित शर्मा, महानगर मीडिया संयोजक विवेक सिंह सहित संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अग्निशिखा युवती सम्मेलन के जरिए एबीवीपी ने युवतियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता के साथ उनके नेतृत्व, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण में भूमिका को केंद्र में रखा है। 7 अक्टूबर को होने वाला यह आयोजन इसी विचार को व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।