आगरा में क्षमावाणी पर्व पर गूंजा ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’, तपस्वियों और सहयोगियों का हुआ सम्मान
आगरा। दशलक्षण महापर्व के समापन पर सोमवार को कमला नगर और नाई की मंडी के कटरा इतवारी खां स्थित जैन मंदिरों में क्षमावाणी पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाया गया। दोनों मंदिरों में भगवान की पूजा-अर्चना, कलशाभिषेक और आरती के साथ धार्मिक आयोजन हुए। समाजबंधुओं ने वर्षभर में जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगते हुए ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ कहा और प्रेम, मैत्री, सद्भाव एवं भाईचारे का संदेश दिया। दशलक्षण महापर्व के दौरान व्रत-उपवास करने वाले तपस्वियों और धार्मिक आयोजनों में सहयोग करने वाले समाजबंधुओं का भी सम्मान किया गया।

कमला नगर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, डी-19 में आयोजित समारोह का शुभारंभ बालिकाओं के मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद दीप प्रज्वलन एवं चित्र अनावरण किया गया। दशलक्षण महापर्व के दौरान व्रत-उपवास करने वाले तपस्वियों का सम्मान किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विभिन्न महिला मंडलों के पदाधिकारियों और मंदिर की पूजन व्यवस्था एवं अन्य धार्मिक कार्यों में सहयोग करने वाले समाजबंधुओं को भी सम्मानित किया गया।
समारोह में बताया गया कि क्षमावाणी पर्व आपसी मनमुटाव भुलाकर प्रेम, मैत्री और सद्भाव के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। मन, वचन और काय से हुई भूलों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगना आत्मशुद्धि का महत्वपूर्ण माध्यम है। वार्षिक माल की बोली इंजीनियर संजीव जैन एवं अंजलि जैन ने ली। इसके उपरांत श्रीजी का कलशाभिषेक किया गया। मंच संचालन अनुज जैन क्रांति ने किया, जबकि संगीत की प्रस्तुति शशि जैन पाटनी ने दी।
इस मौके पर मनोज जैन बाकलीवाल, अभिनंदन जैन पीएनसी, जगदीश प्रसाद जैन, पारसबाबू जैन, रोहित जैन अहिंसा, दिलीप जैन, यशपाल जैन, सुभाष जैन, रूपेश जैन चांदी, जितेन्द्र जैन, मनीष जैन, विजय गोयल सीए, मुकेश जैन रपरिया, प्रदीप जैन एचके, मीडिया प्रभारी शुभम जैन, समकित जैन, रेनू जैन, आशिका जैन, निधि जैन, अंकिता जैन, रश्मि गोयल और वंदना जैन सहित ग्रेटर कमला नगर जैन समाज के लोग मौजूद रहे।
कटरा इतवारी खां स्थित श्री चन्द्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, नाई की मंडी में भी क्षमावाणी पर्व समारोह श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ कलशाभिषेक से हुआ। इसके बाद आरती में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। शाम 7:30 बजे आयोजित क्षमावाणी कार्यक्रम में समाजबंधुओं ने वर्षभर में जाने-अनजाने हुई भूलों के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांगी और आपसी प्रेम, सौहार्द एवं भाईचारे की भावना मजबूत करने का संकल्प लिया।
मंदिर समिति की ओर से दशलक्षण महापर्व के दौरान उपवास एवं विभिन्न व्रत रखने वाले त्यागी व्रतियों को माला और दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। दस दिनों तक मंदिर में पूजन, श्रीजी के अभिषेक और धार्मिक आयोजनों में सहभागिता करने वाले श्रद्धालुओं का भी सम्मान किया गया। समिति पदाधिकारियों ने तपस्वियों के त्याग, संयम और धार्मिक सहभागिता की सराहना की।
क्षमावाणी पर्व पर श्रद्धालुओं ने क्षमा भावना से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे से जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा मांगी और ‘मिच्छामि दुक्कड़म्’ के साथ प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारे का संदेश दिया। संचालन सुरेंद्र बैनाड़ा ने किया।
इस मौके पर निर्मल मोठ्या, अजीत रांवका, प्रमोद रांवका, मोहन कासलीवाल, अनिल मौठया, अंकुर बैनाड़ा, मनीष मोठ्या, तरूण रांवका, अनिल रांवका, विकास कासलीवाल, शुभम कासलीवाल, ऊमा मोठया, आयुषी मोठ्या, कुसुम रांवका, सीमा बैनाड़ा, संगीता बैनाड़ा, शोभा बैनाड़ा, सुनीता रांवका, कविता बैनाड़ा, पायल कासलीवाल और सोनल बैनाड़ा सहित बड़ी संख्या में कटरा इतवारी खां जैन समाज के लोग मौजूद रहे।