व्यापारी आयोग के गठन को घोषणा पत्र में शामिल करे सपा, विनय अग्रवाल ने अखिलेश यादव को सौंपा मांग पत्र
आगरा। उत्तर प्रदेश में व्यापारियों के शोषण, उत्पीड़न और चौथ वसूली जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एससी-एसटी आयोग की तर्ज पर व्यापारी आयोग गठित करने तथा ऑनलाइन और खुदरा व्यापार के बीच समान प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने की मांग उठी है। आगरा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी विनय अग्रवाल ने लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर दोनों मांगों को पार्टी के आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में शामिल करने का अनुरोध किया। उन्होंने इस संबंध में अखिलेश यादव को मांग पत्र भी सौंपा।
विनय अग्रवाल ने पहली मांग में कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर एससी-एसटी आयोग की तर्ज पर व्यापारी आयोग का गठन किया जाए। इस आयोग का अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री स्तर का होना चाहिए, ताकि व्यापारियों की समस्याओं को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया जा सके और उनके हितों की रक्षा हो।
उन्होंने सुझाव दिया कि व्यापारी आयोग में व्यापारियों की शिकायतों पर सुनवाई की व्यवस्था हो और उत्पीड़न तथा शोषण के मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही जिला स्तर पर व्यापारी शिकायत प्रकोष्ठों का गठन भी किया जाए, ताकि व्यापारियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राजधानी के चक्कर न लगाने पड़ें।
विनय अग्रवाल ने दूसरी मांग में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन कारोबार और परंपरागत खुदरा व्यापार के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और स्थानीय दुकानदारों के बीच मौजूदा कारोबारी परिस्थितियों में समान अवसर नहीं हैं। इसका सबसे अधिक असर छोटे दुकानदारों और खुदरा व्यापारियों पर पड़ रहा है। ऑनलाइन व्यापार के विस्तार से उनकी आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है।
उन्होंने मांग की कि ऑनलाइन और खुदरा व्यापार के बीच समान तथा न्यायसंगत प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और स्थानीय व्यापारियों को समान अवसर मिलें तथा छोटे कारोबारियों के हितों की अनदेखी न हो।
विनय अग्रवाल के अनुसार, अखिलेश यादव ने दोनों मांगों पर विचार करने और समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इन्हें लागू करने की बात कही।
विनय अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है। व्यापारी सरकार को राजस्व देने के साथ लाखों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं। धर्म-कर्म, समाज सेवा और परोपकार के कार्यों में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहता है। व्यापारी केवल अपने परिवार का भरण-पोषण नहीं करता, बल्कि उससे जुड़े लाखों परिवारों की आजीविका भी उसके कारोबार पर निर्भर करती है। ऐसे में व्यापारियों का सम्मान, सुरक्षा और उनकी आजीविका की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
मुलाकात के दौरान समाजसेवी पंकज गुप्ता, दक्षिण विधानसभा अध्यक्ष सतीश चाहर और हिमांशु यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।