गणपति बप्पा की विदाई पर आगरा में खास इंतजाम, यमुना में नहीं होगा प्रतिमा विसर्जन

आगरा में गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर नगर निगम ने चार प्रमुख यमुना घाटों—हाथीघाट, कैलाश घाट, बल्केश्वर और दशहरा घाट पर विशेष तैयारियां की हैं। यमुना में सीधे प्रतिमा विसर्जन पर रोक के चलते गंगाजल से भरे अस्थाई विसर्जन कुंड तैयार कराए गए हैं। कुंडों के चारों ओर बैरीकेडिंग के साथ नगर निगम कर्मचारियों की तैनाती की गई है। घाटों को रंगोलियों से सजाने के साथ सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त कराई गई है। अधिकारियों ने हाथीघाट पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं से निर्धारित कुंडों में ही प्रतिमा विसर्जित करने की अपील की है।

Sep 18, 2026 - 19:42
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गणपति बप्पा की विदाई पर आगरा में खास इंतजाम, यमुना में नहीं होगा प्रतिमा विसर्जन
घाटों पर कुंड तैयार करते नगर निगम कर्मी।

आगरा। गणपति बप्पा की विदाई की बेला में श्रद्धालुओं की आस्था और यमुना की स्वच्छता, दोनों का ख्याल रखा गया है। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर आगरा नगर निगम ने यमुना घाटों पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। यमुना को प्रतिमा विसर्जन से होने वाले प्रदूषण से बचाने के लिए इस बार भी नदी में सीधे प्रतिमा विसर्जन नहीं किया जाएगा। इसके लिए प्रमुख घाटों पर अस्थाई विसर्जन कुंड तैयार कराए गए हैं, जिन्हें गंगाजल से भरा गया है। शहर के हाथीघाट, कैलाश घाट, बल्केश्वर और दशहरा घाट पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालु निर्धारित स्थान पर विधि-विधान से गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकेंगे।

यमुना में सीधे विसर्जन पर रोक, घाटों पर बने कृत्रिम कुंड

नदियों और जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत प्रतिमाओं का सीधे नदी में विसर्जन प्रतिबंधित है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने यमुना घाटों पर अस्थाई विसर्जन कुंड तैयार कराए हैं। इन कुंडों को गंगाजल से भरा गया है, जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक परंपरा निभाने में किसी तरह की परेशानी न हो। प्रशासन और नगर निगम की ओर से श्रद्धालुओं से भी अपील की जा रही है कि वे गणेश प्रतिमाओं को यमुना में प्रवाहित करने के बजाय निर्धारित विसर्जन कुंडों में ही विसर्जित करें।

बैरीकेडिंग से सुरक्षा, घाटों पर तैनात रहेंगे कर्मचारी

विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अस्थाई विसर्जन कुंडों के चारों तरफ बैरीकेडिंग कराई गई है। इससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से प्रतिमा विसर्जन में सुविधा मिलेगी और भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। नगर निगम के कर्मचारियों की भी प्रमुख घाटों पर तैनाती की गई है। कर्मचारी श्रद्धालुओं को विसर्जन के दौरान सहयोग करने के साथ ही सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगे।

रंगोलियों से सजे घाट, सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त

गणपति बप्पा की विदाई को यादगार बनाने के लिए घाटों की सजावट पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। हाथीघाट समेत प्रमुख विसर्जन स्थलों पर आकर्षक रंगोलियां बनाई गई हैं। घाटों की साफ-सफाई कराई गई है और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त कराया गया है। नगर निगम की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को धार्मिक आयोजन के दौरान सुविधा मिले और विसर्जन की प्रक्रिया व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो।

अपर नगर आयुक्त ने हाथीघाट पहुंचकर परखी तैयारियां

विसर्जन से पहले नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा भी लिया। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम के साथ हाथीघाट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विसर्जन कुंड, बैरीकेडिंग, सफाई व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए इंतजामों को परखा। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय जेडएसओ आशुतोष वर्मा को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि विसर्जन के दौरान घाट पर पर्याप्त संख्या में नगर निगम कर्मचारी मौजूद रहें। श्रद्धालुओं को प्रतिमा विसर्जन में हर संभव सहयोग दिया जाए और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए।

आस्था के साथ यमुना की सेहत का भी ध्यान

सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम ने बताया कि नगर निगम की व्यवस्था का उद्देश्य धार्मिक परंपरा को सुविधाजनक तरीके से पूरा कराने के साथ ही यमुना को प्रतिमा विसर्जन से होने वाले प्रदूषण से बचाना है। एनजीटी के दिशा-निर्देशों और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रावधानों के अनुरूप कृत्रिम विसर्जन कुंड तैयार कराए गए हैं। एसएनए की ओर से बताया गया कि हाथीघाट, कैलाश घाट, बल्केश्वर और दशहरा घाट पर विसर्जन के दौरान नगर निगम कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित विसर्जन कुंडों का ही इस्तेमाल करें और घाटों पर व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। यानी इस बार गणपति बप्पा की विदाई में आस्था के साथ यमुना की स्वच्छता का भी संदेश दिया जाएगा—बप्पा को विदाई मिलेगी, लेकिन यमुना में प्रदूषण नहीं घुलेगा।