2027 से पहले भाजपा-सपा की परीक्षा, एमएलसी चुनाव को भाजपा ने छह और नामों से पर्दा उठाया

यूपी विधान परिषद की 11 स्नातक-शिक्षक सीटों पर भाजपा और सपा के प्रत्याशियों का ऐलान हो गया है। भाजपा ने मंगलवार को छह नाम घोषित किए, जबकि सपा सोमवार को सभी 11 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर चुकी थी। आगरा शिक्षक सीट से भाजपा ने इंजीनियर हरि किशोर त्रिपाठी और स्नातक सीट से डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह को मैदान में उतारा है। सपा की ओर से शिक्षक सीट पर प्रकाशचंद्र गुप्ता और स्नातक सीट पर शशांक यादव प्रत्याशी हैं। नामांकन 6 अक्टूबर तक, मतदान 23 अक्टूबर और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। इसी बीच यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए भी नामांकन शुरू हो गया है।

Sep 29, 2026 - 15:38
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2027 से पहले भाजपा-सपा की परीक्षा, एमएलसी चुनाव को भाजपा ने छह और नामों से पर्दा उठाया

आगरा शिक्षक सीट पर हरि किशोर त्रिपाठी प्रत्याशी घोषित, सपा के 11 प्रत्याशी पहले से मैदान में, सभी सीटों पर सियासी मुकाबला तय

लखनऊ/आगरा। उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक और अहम राजनीतिक मुकाबले का मंच तैयार हो गया है। विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 सीटों के लिए भाजपा और समाजवादी पार्टी ने अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम लगभग पूरी तरह स्पष्ट कर दिए हैं। मंगलवार से नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर, मतदान 23 अक्टूबर और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

भाजपा ने मंगलवार को छह और नामों की घोषणा कर अपनी रणनीति को अंतिम रूप दिया। इससे पहले पार्टी पांच प्रत्याशियों के नाम घोषित कर चुकी थी। वहीं, सपा ने सोमवार को सभी 11 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया था। ऐसे में अब दोनों प्रमुख दलों के बीच सीधा सियासी मुकाबला और क्षेत्रवार प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो गई है। हालांकि कांग्रेस ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। कांग्रेस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने को जल्द अपने प्रत्याशी घोषित  

आगरा में भाजपा ने शिक्षक सीट पर बदला चेहरा

आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र इस चुनाव में खास तौर पर चर्चा में है। भाजपा ने यहां इंजीनियर हरि किशोर त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया है। वहीं आगरा खंड स्नातक सीट पर भाजपा पहले ही डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह के नाम की घोषणा कर चुकी है। सपा ने आगरा की दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी पहले ही घोषित कर दिए हैं। शिक्षक सीट से प्रकाशचंद्र गुप्ता और स्नातक सीट से शशांक यादव मैदान में हैं। इस तरह आगरा की दोनों एमएलसी सीटों पर भाजपा और सपा के प्रत्याशियों के बीच मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट हो गई है। आगरा जिले में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूचियां भी जारी हो चुकी हैं, यानी अब राजनीतिक दलों के सामने अपने-अपने मतदाता समूह तक पहुंच बनाने की चुनौती है।

भाजपा के छह नए नामों में क्षेत्रीय समीकरण

भाजपा ने वाराणसी स्नातक सीट से केदार नाथ सिंह, मेरठ स्नातक से दिनेश गोयल, इलाहाबाद-झांसी स्नातक से अशोक कुमार राठौर, वाराणसी शिक्षक सीट से डॉ. प्रमोद मिश्रा, आगरा शिक्षक सीट से इंजीनियर हरि किशोर त्रिपाठी और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से ध्रुव त्रिपाठी को प्रत्याशी घोषित किया है। इससे पहले भाजपा ने आगरा स्नातक से डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह के अलावा लखनऊ शिक्षक से उमेश द्विवेदी, मेरठ शिक्षक से श्रीचंद शर्मा और बरेली-मुरादाबाद शिक्षक से डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के नाम घोषित किए थे। यानी भाजपा ने जिन 11 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें अपने संगठनात्मक समीकरण के हिसाब से उम्मीदवारों का मैदान तैयार कर दिया है।

सपा ने भी सभी 11 सीटों पर उतारे प्रत्याशी

सपा ने शिक्षक और स्नातक दोनों वर्गों की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। शिक्षक सीटों पर लाल बिहारी यादव, सुशील कुमार, प्रकाशचंद्र गुप्ता, कमलेश यादव, दानिश अख्तर और डॉ. नितिन तोमर को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं स्नातक सीटों पर आशुतोष सिन्हा, डॉ. मान सिंह, शशांक यादव, परमिंदर भाटी और कांति सिंह को मैदान में उतारा गया है। सपा के लिए इन चुनावों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि विधान परिषद में उसके मौजूदा संख्याबल पर इन परिणामों का असर पड़ सकता है। वर्तमान में 100 सदस्यीय विधान परिषद में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास 83 सदस्य हैं, जबकि सपा के पास 10 सदस्य हैं।

2027 से पहले संगठनात्मक ताकत की परीक्षा

विधान परिषद की इन 11 सीटों का चुनाव महज एमएलसी चुनाव तक सीमित नहीं माना जा रहा है। चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे हैं और दोनों दलों के लिए शिक्षक तथा स्नातक मतदाताओं के बीच संगठन की सक्रियता परखने का अवसर भी है। पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होना है। हालांकि इन निर्वाचन क्षेत्रों का मतदाता आधार विधानसभा चुनाव से अलग होता है। केवल संबंधित शिक्षक या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में पंजीकृत मतदाता ही मतदान करते हैं। इसलिए प्रत्याशियों और दलों को सामान्य विधानसभा चुनाव की तुलना में अलग तरह का चुनावी नेटवर्क और संपर्क अभियान चलाना होगा।

एमएलसी के बाद राज्यसभा की बारी, 10 सीटों पर चुनाव

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के साथ ही राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। राज्यसभा चुनाव के लिए भी नामांकन 29 सितंबर से शुरू हुआ है और अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। मतदान 16 अक्टूबर को होगा। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए आठ और सपा-कांग्रेस खेमे के लिए दो सीटों का गणित बताया जा रहा है। हालांकि अतिरिक्त उम्मीदवार उतारे जाने की स्थिति में मुकाबला प्राथमिकता मतों और दलों के भीतर मतदान अनुशासन पर निर्भर करेगा। 2024 के राज्यसभा चुनाव में भी सपा के विधायकों की क्रॉस वोटिंग ने राजनीतिक समीकरण बदले थे। इस लिहाज से 29 सितंबर से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया यूपी की राजनीति में लगातार दो उच्च सदन चुनावों की शुरुआत है—पहले 16 अक्टूबर को राज्यसभा और उसके एक सप्ताह बाद 23 अक्टूबर को विधान परिषद की 11 सीटों पर मतदान होगा। इसके बाद दोनों दलों का फोकस सीधे 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर और तेज होने की संभावना है।

आगरा में अब आमने-सामने का मुकाबला

आगरा खंड में तस्वीर विशेष रूप से साफ है। शिक्षक सीट पर भाजपा के इंजीनियर हरि किशोर त्रिपाठी और सपा के प्रकाशचंद्र गुप्ता मैदान में हैं। इसी तरह  स्नातक सीट पर भाजपा ने डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह और सपा ने शशांक यादव को प्रत्याशी बनाया है। इस तरह आगरा में शिक्षक और स्नातक दोनों सीटों पर भाजपा-सपा के प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला सामने है। अब नामांकन के बाद प्रचार अभियान, मतदाता संपर्क और निर्वाचन क्षेत्रों में संगठन की सक्रियता इस चुनाव के अगले चरण को तय करेगी। हालांकि अभी तक कांग्रेस ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं।