विश्वकर्मा जयंती पर श्रमिकों के हक की आवाज बुलंद, सर्वे-लेबर कार्ड पर जोर

विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आगरा में श्रमिकों से जुड़े दो प्रमुख कार्यक्रम आयोजित हुए। जेपी सभागार खंदारी में विश्वकर्मा श्रम सम्मान कार्यक्रम में सांसद राजकुमार चाहर ने श्रमिकों के सर्वे कार्ड और लेबर कार्ड जल्द बनवाने के लिए विशेष कैंप लगाने की अपील की। उन्होंने अटल आवासीय विद्यालय को श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवसर बताते हुए शिक्षा पर जोर दिया। वहीं पालीवाल पार्क में भारतीय मजदूर संघ ने विश्वकर्मा जयंती को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मनाया। मुख्य वक्ता सुनील दीक्षित ने श्रम को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। सौरभ शर्मा ने भारतीय मजदूर संघ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, जबकि अरुण दरखाटी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में सत्यम को जिला व्यवस्था प्रमुख बनाया गया।

Sep 17, 2026 - 22:02
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विश्वकर्मा जयंती पर श्रमिकों के हक की आवाज बुलंद, सर्वे-लेबर कार्ड पर जोर
जेपी सभागार में आयोजित कार्यक्रम का दीप जलाकर शुभारंभ करते सांसद राजकुमार चाहर। साथ हैं भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया और जिला पंचायत अध्यक्ष मंजु भदौरिया।

जेपी सभागार में विश्वकर्मा श्रम सम्मान कार्यक्रम, सांसद राजकुमार चाहर ने अधिकारियों को दिए विशेष कैंप लगाने के निर्देश, भारतीय मजदूर संघ ने श्रम की गरिमा और अधिकारों पर की चर्चा

आगरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस और भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गुरुवार को आगरा में श्रमिक सम्मान, उनके अधिकारों और कल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जेपी सभागार, खंदारी कैंपस में आयोजित विश्वकर्मा श्रम सम्मान कार्यक्रम में फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने श्रमिकों से संवाद किया और अधिकारियों से पात्र श्रमिकों के सर्वे कार्ड एवं लेबर कार्ड बनवाने के लिए विशेष कैंप लगाने की अपील की। वहीं भारतीय मजदूर संघ की ओर से पालीवाल पार्क स्थित कन्हैया लाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषा विज्ञान विद्यापीठ में विश्वकर्मा जयंती को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मनाया गया। दोनों कार्यक्रमों में श्रम की गरिमा, श्रमिकों के अधिकार और उनके परिवारों के बेहतर भविष्य पर जोर दिया गया।

70 से 80 प्रतिशत श्रमिकों के सर्वे कार्ड नहीं बनने का दावा

जेपी सभागार में श्रमिकों को संबोधित करते हुए सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि जिन श्रमिक भाइयों-बहनों के अभी तक सर्वे कार्ड नहीं बने हैं, उनके कार्ड जल्द से जल्द बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार करीब 70 से 80 प्रतिशत श्रमिक ऐसे हैं, जिनके अभी तक सर्वे कार्ड नहीं बने हैं। सांसद ने अधिकारियों से पात्र श्रमिकों की पहचान कर उनके नाम और रिकॉर्ड तैयार करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों से काम करने के लिए आने वाले श्रमिकों का भी पूरा विवरण दर्ज किया जाए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में आसानी हो।

कार्ड बनने से सरकारी योजनाओं तक पहुंच होगी आसान

राजकुमार चाहर ने कहा कि सर्वे कार्ड और लेबर कार्ड श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनके माध्यम से श्रमिकों और उनके परिवारों को केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिल सकती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रमिकों के कार्ड बनाने के लिए विशेष कैंप लगाए जाएं। जिन इलाकों में बड़ी संख्या में श्रमिक काम करने आते हैं, वहां उनके घरों और कार्यस्थलों के आसपास कैंप आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें कार्ड बनवाने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

अटल आवासीय विद्यालय को बताया बच्चों के लिए बड़ा अवसर

सांसद राजकुमार चाहर ने श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अटल आवासीय विद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए यह महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवसर है। उन्होंने बताया कि प्रवेश के बाद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा के साथ रहने और भोजन की सुविधा भी उपलब्ध होती है। बेटी हो या बेटा, दोनों के लिए अवसर उपलब्ध होने की बात उन्होंने कही। उन्होंने बताया कि बच्चे पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद कक्षा छह से 12वीं तक शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान पढ़ाई, रहने और भोजन की व्यवस्था विद्यालय में ही होती है।

‘हमने जो संघर्ष किया, बच्चों को न करना पड़े’

श्रमिक परिवारों से संवाद करते हुए सांसद ने कहा कि जब भी अवसर मिले, वे अपने परिवार के किसी सदस्य के साथ अटल आवासीय विद्यालय जाकर वहां की व्यवस्थाओं को देखें। उन्होंने कहा कि विद्यालय की सुविधाओं को देखकर अभिभावक स्वयं समझ सकेंगे कि बच्चों के लिए किस तरह शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। राजकुमार चाहर ने कहा कि उद्देश्य यह होना चाहिए कि “हमने अपने जीवन में जो संघर्ष किया है, हमारे बच्चों को उसका सामना न करना पड़े।” उन्होंने श्रमिक परिवारों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और उनके बेहतर भविष्य के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।

भारतीय मजदूर संघ ने मनाई विश्वकर्मा जयंती

इधर, भारतीय मजदूर संघ की ओर से विश्वकर्मा जयंती को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम कन्हैया लाल माणिकलाल मुंशी हिंदी तथा भाषा विज्ञान विद्यापीठ, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, पालीवाल पार्क में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह सुनील दीक्षित ने भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, निर्माण और श्रम के प्रतीक हैं। श्रमिकों के योगदान को सम्मान देना और समाज में उन्हें उचित स्थान देना आवश्यक है।

‘श्रम राष्ट्र निर्माण का आधार’

सुनील दीक्षित ने भारतीय मजदूर संघ की वर्तमान समय में उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान तथा सामाजिक एवं आर्थिक हितों की सुरक्षा में संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने श्रमिकों से संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रम केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है।

श्रमिकों के हितों की आवाज उठाता है भारतीय मजदूर संघ

कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री सौरभ शर्मा ने किया। उन्होंने भारतीय मजदूर संघ की स्थापना और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन श्रमिकों के हितों की रक्षा, अधिकारों के प्रति जागरूकता और कार्यस्थल पर सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कार्य करता है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं को उचित मंच पर उठाकर उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाते हैं। विश्वकर्मा जयंती को राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य श्रम की गरिमा को प्रतिष्ठित करना और समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में श्रमिकों के योगदान को सम्मान देना है।

सत्यम को मिली नई जिम्मेदारी

कार्यक्रम की अध्यक्षता अरुण दरखाटी ने की। संगठनात्मक दायित्व के तहत इस दौरान सत्यम को जिला व्यवस्था प्रमुख बनाया गया। कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष अनुपम चौधरी, महिला प्रभारी सरिता गौतम, जिला प्रचार मंत्री सीमेश शर्मा, आफताब आलम और इंतजार सलीम सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

श्रमिक परिवारों के भविष्य पर केंद्रित रहा संदेश

विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित दोनों कार्यक्रमों में अलग-अलग स्तर पर श्रमिकों के सम्मान और उनके हितों की चर्चा हुई। एक ओर सांसद राजकुमार चाहर ने सर्वे और लेबर कार्ड के माध्यम से श्रमिकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने तथा बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया, वहीं भारतीय मजदूर संघ ने श्रम की गरिमा, अधिकारों के प्रति जागरूकता और श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा को लेकर संगठन की भूमिका रेखांकित की। कार्यक्रमों के माध्यम से श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और परिवारों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं तक पहुंच दिलाने की दिशा में प्रयास करने का संदेश दिया गया।