सावन से पहले एक्शन मोड में प्रशासन, डीएम ने प्रमुख मंदिरों का किया निरीक्षण, सुरक्षा से सफाई तक दिए निर्देश

सावन के प्रथम सोमवार और कांवड़ यात्रा को लेकर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कैलाश, बल्केश्वर और राजेश्वर मंदिरों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिरों और यमुना घाटों पर सुरक्षा, बैरीकेडिंग, जल पुलिस, गोताखोर, सीसीटीवी, मेडिकल कैंप, सफाई, पेयजल और यातायात प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य कर श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने को कहा।

Aug 2, 2026 - 20:41
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सावन से पहले एक्शन मोड में प्रशासन, डीएम ने प्रमुख मंदिरों का किया निरीक्षण, सुरक्षा से सफाई तक दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान कैलाश मंदिर में पूजा-अर्चना करते डीएम मनीष बंसल।

आगरा। सावन मास के प्रथम सोमवार और कांवड़ यात्रा को लेकर आगरा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। रविवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल ने एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान के साथ शहर के प्रमुख शिव मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन, साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सबसे पहले कैलाश मंदिर पहुंचे जिलाधिकारी

निरीक्षण की शुरुआत प्राचीन कैलाश मंदिर से हुई, जहां जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर और यमुना स्थित कैलाश घाट की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर के महंतों से बातचीत कर प्रथम सोमवार और कांवड़ यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। महंत ने बताया कि सावन के पहले सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई, पर्याप्त डस्टबिन, रैंप, मेडिकल कैंप, पेयजल, बैरीकेडिंग, फव्वारा व्यवस्था और सौंदर्यीकरण का कार्य समय से पूरा किया जाए।

बल्केश्वर और राजेश्वर मंदिर की व्यवस्थाओं का भी लिया जायजा

इसके बाद जिलाधिकारी बल्केश्वर मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने यमुना किनारे स्थित पार्वती घाट का निरीक्षण किया। यहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मजबूत बैरीकेडिंग, सुरक्षित रैंप और सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरने के निर्देश नगर निगम एवं संबंधित विभागों को दिए। इसके पश्चात राजेश्वर मंदिर पहुंचकर भी उन्होंने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद

एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रमुख शिव मंदिरों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। कांवड़ियों के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग बैरीकेडिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि भीड़ नियंत्रण प्रभावी ढंग से हो सके। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन योजना लागू करने, ट्रैफिक पुलिस और सिविल पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश भी दिए गए।

यमुना घाटों पर रहेगी विशेष निगरानी

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से कैलाश घाट और बल्केश्वर स्थित पार्वती घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने घाटों पर मजबूत बैरीकेडिंग, पीएसी जल पुलिस, निजी गोताखोरों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

सफाई, स्वास्थ्य और पेयजल पर रहेगा विशेष फोकस

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देश दिए कि मंदिरों तक जाने वाले मार्गों की मरम्मत, नियमित सफाई, पर्याप्त पेयजल, मेडिकल कैंप और अन्य जनसुविधाओं की व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि सावन के दौरान लाखों श्रद्धालु शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार

जिला प्रशासन और पुलिस विभाग का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारी की जा रही है। यात्रा मार्गों से लेकर मंदिर परिसरों तक हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी, जिससे श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा और दर्शन कर सकें। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सदर विक्रम राघव, एसीपी अमीषा वर्मा, एसीपी श्वेता वर्मा, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।