ट्रंप बोले- हमले रोकने की गुहार लगा रहा ईरान, तेहरान का पलटवार- न हम गिड़गिड़ाए, न पीछे हटेंगे
तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बयानबाजी के जरिए तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान ने अमेरिका से नए हमले रोकने की गुहार लगाई थी। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसने कभी भी अमेरिका से हमले रोकने की अपील नहीं की और उसकी सेना पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक अमेरिकी हमले बंद नहीं होते, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का सवाल ही नहीं उठता।
ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने रविवार को सरकार और सैन्य अधिकारियों के हवाले से कहा कि ईरान की ओर से कभी भी डोनाल्ड ट्रंप या अमेरिका से नए हमले रोकने का अनुरोध नहीं किया गया। एजेंसी के अनुसार, ईरानी सेना पूरी मजबूती के साथ अपने मोर्चे पर डटी हुई है और किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सैन्य अधिकारियों के हवाले से जारी बयान में कहा गया कि डोनाल्ड ट्रंप का यह दावा कि तेहरान ने वॉशिंगटन से नए हमले नहीं करने की गुहार लगाई थी, पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद है। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि यह ट्रंप के लगातार दिए जा रहे भ्रामक बयानों की कड़ी है।
ट्रंप ने क्या कहा था?
शनिवार, 1 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार थी, लेकिन तेहरान और पश्चिम एशिया के कुछ अन्य देशों की ओर से नए हमले रोकने का आग्रह किए जाने के बाद उन्होंने सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया।
ट्रंप ने यह भी कहा था कि ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल, पूरी तरह और बिना किसी रोक-टोक के खोलना आवश्यक होगा।
होर्मुज पर ईरान का सख्त रुख
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने वार्ताकारों के करीबी सूत्रों के हवाले से बताया कि जब तक अमेरिका ईरानी क्षेत्र पर सैन्य हमले जारी रखेगा, तब तक तेहरान रणनीतिक महत्व वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, यदि अमेरिका चाहता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खोला जाए, तो उसे पहले ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोकनी होगी। ईरानी मीडिया का कहना है कि इस मुद्दे पर देश के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।
तनाव के बीच हमले फिलहाल थमे
दोनों देशों की ओर से आए ये बयान ऐसे समय सामने आए हैं, जब हाल के दिनों में क्षेत्र में तनाव कुछ कम होने के संकेत मिले हैं। ईरान में लगभग दो सप्ताह तक चली अमेरिकी बमबारी के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को हमले रोकने की घोषणा की थी। इसके बाद से अब तक अमेरिका या ईरान की ओर से किसी नए सैन्य हमले की सूचना सामने नहीं आई है।
सुरक्षा अलर्ट अब भी जारी
हालांकि हमले फिलहाल रुके हुए हैं, लेकिन क्षेत्र में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने सुरक्षा अलर्ट जारी करते हुए अमेरिकी नागरिकों को इस क्षेत्र की यात्रा से बचने और हालात बिगड़ने की स्थिति में तत्काल क्षेत्र छोड़ने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। इससे स्पष्ट है कि पश्चिम एशिया में हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और दोनों देशों के बीच तनाव बरकरार है।