मृत्यु के बाद भी जीवन संभव, आईएमए-आईएससीसीएम ने शुरू किया अंगदान जनजागरण अभियान

आईएमए आगरा और आईएससीसीएम आगरा शाखा ने संयुक्त रूप से 3 से 13 अगस्त 2026 तक चलने वाले अंगदान जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। अभियान का उद्देश्य अंगदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना, भ्रांतियों को दूर करना और लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में चिकित्सकों ने कहा कि अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और इससे कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है। सभी चिकित्सकों ने आमजन से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और "अंगदान करें – जीवनदान दें" का संदेश अपनाने की अपील की।

Aug 3, 2026 - 19:58
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मृत्यु के बाद भी जीवन संभव, आईएमए-आईएससीसीएम ने शुरू किया अंगदान जनजागरण अभियान
आईएमए आगरा और आईएससीसीएम आगरा शाखा के पदाधिकारी अभियान के बारे में जानकारी देते हुए।

अंगदान को जनआंदोलन बनाने की पहल, 3 से 13 अगस्त तक शहरभर में होंगे जागरूकता कार्यक्रम

आगरा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) आगरा एवं इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन (ISCCM) आगरा शाखा के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को "अंगदान जागरूकता कार्यक्रम" का शुभारंभ किया गया। यह विशेष जनजागरूकता अभियान 3 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक शहर के विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना, भ्रांतियों को दूर करना और अधिक से अधिक लोगों को अंगदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम में चिकित्सकों ने कहा कि अंगदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। एक व्यक्ति का लिया गया निर्णय कई गंभीर मरीजों को नया जीवन दे सकता है। इसलिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी इस अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक है।

आईएमए आगरा के अध्यक्ष डॉ. पंकज नागाइच ने कहा कि "अंगदान मानवता की सर्वोच्च सेवा है। एक व्यक्ति का निर्णय कई लोगों को नया जीवन दे सकता है। समाज के प्रत्येक नागरिक को इस पुनीत कार्य के लिए आगे आना चाहिए। आईएससीसीएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणवीर त्यागी ने कहा कि ब्रेन डेथ के बाद किया गया अंगदान कई गंभीर रोगियों के लिए जीवन की नई उम्मीद बनता है। उन्होंने कहा कि अंगदान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करना चिकित्सकों और आम नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।

आईएमए आगरा के मानद सचिव डॉ. रजनीश कुमार मिश्रा ने बताया कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों को अंगदान की पूरी प्रक्रिया, इसके महत्व और कानूनी प्रावधानों की भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी, ताकि लोग सही जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें। आईएमए आगरा के कोषाध्यक्ष डॉ. मुकेश भारद्वाज ने कहा कि अंगदान सबसे बड़ा दान है। यदि समाज इस दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करे तो हजारों लोगों को नया जीवन मिल सकता है।

डॉ. प्रशांत लवानिया ने अभियान में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही यह संदेश समाज के हर कोने तक पहुंचेगा और सकारात्मक बदलाव आएगा। डॉ. दीप्तिमाला अग्रवाल ने कहा कि क्रिटिकल केयर में कार्य करते हुए प्रतिदिन ऐसे मरीज सामने आते हैं जिन्हें अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है। समय पर अंगदान कई मरीजों के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हो सकता है।

डॉ. सीमा सिंह ने कहा कि अंगदान के प्रति समाज में संवेदनशीलता और सही जानकारी विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक परिवार को इस विषय पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर सही निर्णय लिया जा सके। डॉ. शैफाली मजूमदार ने कहा कि महिलाएं परिवार की निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि वे अंगदान के महत्व को समझें और इसके प्रति जागरूकता फैलाएं, तो यह अभियान और अधिक प्रभावी बन सकता है।

डॉ. करण रावत ने युवा चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वे इस जनजागरूकता अभियान का सक्रिय हिस्सा बनें और अंगदान का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएं। डॉ. अनूप  दीक्षित ने कहा कि जनभागीदारी के बिना अंगदान आंदोलन सफल नहीं हो सकता। प्रत्येक नागरिक का छोटा-सा संकल्प कई परिवारों में नई खुशियां ला सकता है। डॉ. अरविंद यादव ने कहा कि अंगदान जीवन का उत्सव है। मृत्यु के बाद भी किसी दूसरे व्यक्ति को जीवन देना मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है। उन्होंने सभी लोगों से इस अभियान से जुड़ने और अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के समापन पर सभी चिकित्सकों ने एक स्वर में लोगों से अपील की कि वे अंगदान के प्रति जागरूक बनें, अपने परिवार के साथ इस विषय पर चर्चा करें और इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। अभियान का मुख्य संदेश है— "अंगदान करें – जीवनदान दें।"