प्रेमिका के सामने नाबालिग भाई की हत्या के दोषी को उम्रकैद, बरेली के छह साल पुराने मामले में पॉक्सो अदालत ने सुनाया फैसला
-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में छह वर्ष पुराने सनसनीखेज हत्या और पॉक्सो मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने अपनी नाबालिग प्रेमिका के पांच वर्षीय भाई की केवल इसलिए हत्या कर दी थी क्योंकि मासूम ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था और मां को पूरी बात बताने की बात कही थी। अदालत ने हत्या, पॉक्सो अधिनियम और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी को विभिन्न सजाएं सुनाते हुए कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो-03 राजीव तिवारी ने बताया कि नवाबगंज थाना क्षेत्र के ईद जागीर गांव निवासी महेश (23) के खिलाफ वर्ष 2020 में हत्या, साक्ष्य मिटाने और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी महेश के गांव की एक नाबालिग लड़की से अवैध संबंध थे। घटना के दौरान नाबालिग का पांच वर्षीय भाई दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख बैठा। बच्चे ने मां को पूरी घटना बताने की बात कही। बदनामी के डर से आरोपी ने कथित तौर पर मासूम का गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने वारदात को छिपाने की कोशिश की। उसने बच्चे के शव को मकान की छत से नीचे फेंक दिया ताकि घटना को दुर्घटना का रूप दिया जा सके। मामले का खुलासा होने पर नवाबगंज थाने में हत्या, साक्ष्य मिटाने और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक राजीव तिवारी ने अदालत में नौ गवाह पेश किए। गवाहों के बयान, साक्ष्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
विशेष पॉक्सो-03 अदालत की न्यायाधीश श्रीमती नमृता अग्रवाल ने आरोपी महेश को हत्या का दोषी ठहराते हुए निम्न सजाएं सुनाईं। हत्या के अपराध में आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना। पॉक्सो अधिनियम की धारा-4 के तहत 10 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना और साक्ष्य मिटाने के अपराध में पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना।
अदालत ने स्पष्ट किया कि दोषी यदि जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।