आगरा बनेगा वैश्विक मानसिक संवाद का केंद्र, 4 जनवरी को जुटेंगे विश्व प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक

मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक शिक्षा के क्षेत्र में आगरा एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। फीलिंग माइंड्स संस्था द्वारा 4 जनवरी (रविवार) को आयोजित अंतरराष्ट्रीय मनोवैज्ञानिक संवाद सत्र में अमेरिका और ब्रिटेन के विश्वप्रसिद्ध मनोविज्ञान विशेषज्ञ आगरा पहुंचेंगे, जहां मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक सशक्तिकरण और आधुनिक मनोवैज्ञानिक मॉडल पर गहन मंथन होगा।

Jan 2, 2026 - 19:40
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आगरा बनेगा वैश्विक मानसिक संवाद का केंद्र, 4 जनवरी को जुटेंगे विश्व प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक

आगरा। विमल विहार, सिकंदरा-बोदला रोड स्थित फीलिंग माइंड्स संस्था के कार्यालय में 4 जनवरी को एक विशेष अंतरराष्ट्रीय मनोवैज्ञानिक संवाद सत्र का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों, शिक्षकों, काउंसलर्स और समाजसेवियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस संवाद सत्र में डॉ. आर्थर सी. इवांस, वाइस प्रेसिडेंट एवं सीईओ, अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन (एपीए) तथा फिलाडेल्फिया मॉडल के निर्माता, विशेष रूप से सहभागिता करेंगे। उनके साथ डॉ. एन वर्नन, पूर्व अध्यक्ष – अल्बर्ट एलिस इंस्टीट्यूट, न्यूयॉर्क (अमेरिका) और डॉ. रेनर कुर्ज़, चीफ साइकोलॉजिस्ट, एचयूसीएएमए एनालिटिक्स लिमिटेड, लंदन भी इस अंतरराष्ट्रीय संवाद का हिस्सा होंगे।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डॉ. आर्थर सी. इवांस और डॉ. चीनू अग्रवाल के मध्य होने वाला विशेष संवाद रहेगा, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य की वर्तमान चुनौतियों, भावनात्मक सशक्तिकरण, आधुनिक मनोवैज्ञानिक मॉडलों और उनके सामाजिक व व्यवहारिक अनुप्रयोगों पर सार्थक चर्चा की जाएगी।

फीलिंग माइंड्स संस्था की संस्थापक एवं निदेशक डॉ. चीनू अग्रवाल मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक शिक्षा और इमोशनल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में देश की जानी-मानी विशेषज्ञ हैं। वे बच्चों, किशोरों, युवाओं, शिक्षकों, अभिभावकों और कॉर्पोरेट क्षेत्र के साथ भावनात्मक सशक्तिकरण पर निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को केवल उपचार तक सीमित न रखते हुए उसे जीवन कौशल, आत्म-जागरूकता और सकारात्मक सोच से जोड़ने का अभिनव दृष्टिकोण विकसित किया है।

डॉ. चीनू अग्रवाल के अनुसार यह अंतरराष्ट्रीय संवाद सत्र मनोविज्ञान के विद्यार्थियों, शिक्षकों, काउंसलर्स, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानसिक स्वास्थ्य में रुचि रखने वाले नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी सिद्ध होगा। इस वैश्विक सहभागिता से आगरा में मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक शिक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

SP_Singh AURGURU Editor