एलएसी के करीब चीन की बढ़ी एयर पावर, भारत के लिए बढ़ी रणनीतिक चुनौती
भारत-चीन LAC के पास चीन के दो प्रमुख एयरबेस—होटान और डामशुंग—पर कुल 12 J-20 स्टील्थ फाइटर जेट दिखाई देने का दावा सैटेलाइट तस्वीरों में किया गया है। होतान में 8 और डामशुंग में 4 विमान नजर आए हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह स्थायी तैनाती है या सैन्य अभ्यास का हिस्सा, लेकिन विशेषज्ञ इसे चीन की बढ़ती ऑपरेशनल तैयारी और सीमा क्षेत्र में वायु शक्ति मजबूत करने का महत्वपूर्ण संकेत मान रहे हैं।
होटान और डामशुंग एयरबेस पर दिखे चीन के अत्याधुनिक J-20 फाइटर जेट, विशेषज्ञ बोले-यह नियमित ऑपरेशनल तैनाती का संकेत भी हो सकता है
नई दिल्ली। भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर एक बार फिर नई चर्चा शुरू हो गई है। हाल ही में सामने आई व्यावसायिक सैटेलाइट तस्वीरों में दावा किया गया है कि चीन ने LAC के निकट स्थित अपने दो प्रमुख एयरबेस पर कुल 12 J-20 'माइटी ड्रैगन' स्टील्थ फाइटर जेट तैनात किए हैं। यदि यह तैनाती नियमित ऑपरेशनल व्यवस्था का हिस्सा है, तो इसे हाल के वर्षों में सीमा क्षेत्र के पास चीन की सबसे महत्वपूर्ण वायु सैन्य गतिविधियों में से एक माना जा सकता है।
सैटेलाइट इमेज के अनुसार, शिनजियांग के होतान एयरबेस पर 8 J-20 लड़ाकू विमान खुले एप्रन पर खड़े दिखाई दिए, जबकि तिब्बत के डामशुंग एयरबेस पर 4 J-20 सुरक्षात्मक शेल्टर के नीचे नजर आए। इन दोनों एयरबेस को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) के सबसे अहम फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस माना जाता है।
दो अहम एयरबेस पर बढ़ी गतिविधि
9 जुलाई को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में होतान एयरबेस पर आठ J-20 स्टील्थ फाइटर स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। वहीं, 25 जून की तस्वीरों में डामशुंग एयरबेस पर चार J-20 विमान सुरक्षित हैंगरों के नीचे मौजूद थे। इन तस्वीरों ने संकेत दिया है कि चीन सीमा के दोनों सेक्टरों—लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश—के नजदीक अपनी वायु शक्ति को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। हालांकि, केवल सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि ये विमान स्थायी रूप से तैनात हैं या किसी सैन्य अभ्यास अथवा रोटेशनल डिप्लॉयमेंट का हिस्सा हैं।
भारत के बेहद करीब हैं दोनों एयरबेस
होटान एयरबेस रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह भारत के दौलत बेग ओल्डी एयरबेस से लगभग 245 किलोमीटर और लेह से करीब 389 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दूसरी ओर, डामशुंग एयरबेस अरुणाचल प्रदेश के तवांग से करीब 344 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। ऐसे में दोनों एयरबेस चीन को LAC के पश्चिमी और पूर्वी सेक्टर में तेज़ी से हवाई प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रदान करते हैं।
होटान एयरबेस क्यों है खास?
शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में स्थित होतान एयरबेस PLAAF का प्रमुख फॉरवर्ड एयरबेस है। यहां करीब 3,700 मीटर लंबा रनवे मौजूद है, जिससे भारी सैन्य विमान भी आसानी से उड़ान भर सकते हैं। एयरबेस पर आधुनिक एयरक्राफ्ट शेल्टर, विस्तृत एप्रन, रखरखाव सुविधाएं और उन्नत ऑपरेशन सपोर्ट सिस्टम मौजूद हैं। यहां केवल J-20 ही नहीं, बल्कि KJ-500 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) विमान, इंटरसेप्टर फाइटर जेट, CH-4 निगरानी एवं स्ट्राइक ड्रोन और जरूरत पड़ने पर H-6 रणनीतिक बमवर्षक भी तैनात किए जाते हैं।
क्या संकेत दे रही है यह तैनाती?
रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि ऊंचाई वाले एयरबेस पर J-20 जैसे पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट की मौजूदगी यह संकेत दे सकती है कि चीन अब इन्हें केवल सैन्य अभ्यास तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि नियमित ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट का हिस्सा बना रहा है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि केवल सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर किसी स्थायी सैन्य तैनाती की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में J-20 विमानों का LAC के निकट दिखाई देना सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है J-20 'माइटी ड्रैगन'?
J-20 चीन का सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है। इसे रडार की पकड़ से बचते हुए लंबी दूरी तक मिशन पूरा करने के लिए विकसित किया गया है। यह आधुनिक एवियोनिक्स, स्टील्थ तकनीक और लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से लैस है। चीन इसे अपनी वायुसेना की सबसे उन्नत युद्धक क्षमता का प्रमुख हिस्सा मानता है।