फर्जी पत्रकार-मत्स्य अधिकारी बनकर वसूली का खेल, दो गिरफ्तार, दो लाख से अधिक की अवैध वसूली का पुलिस का दावा
-आरके सिंह- बरेली। फर्जी पत्रकार और मत्स्य विभाग का अधिकारी बनकर लोगों को डराने-धमकाने, मुकदमे में फंसाने और कार्रवाई का भय दिखाकर रुपये वसूलने वाले कथित गिरोह का बरेली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। भोजीपुरा और देवरनियां पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक अलग-अलग लोगों से दो लाख रुपये से अधिक की अवैध वसूली कर चुके हैं। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को शनिवार को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक उत्तरी मुकेश चन्द्र मिश्रा ने बताया कि भोजीपुरा एवं देवरनियां पुलिस ने फर्जी पत्रकार और मत्स्य अधिकारी बनकर लोगों से धनराशि वसूलने वाले गिरोह का खुलासा किया है। भोजीपुरा थाने में 11 सितंबर को ग्राम एवं थाना भोजीपुरा निवासी सालिम रजा ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि नौ अगस्त को एक व्यक्ति ने मोबाइल फोन पर खुद को मत्स्य विभाग का अधिकारी बताते हुए उन्हें डराया-धमकाया और जान से मारने की धमकी देकर 70 हजार रुपये ले लिए थे।
दोबारा रुपये लेने पहुंचा तो पकड़ा गया
पुलिस के अनुसार, आरोपी दोबारा रुपये लेने के लिए साजिद निवासी ग्राम घंघोरा पिपरिया के साथ पहुंचा। पुलिस ने मौके पर साजिद को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया। इस मामले में भोजीपुरा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 111(2)(b), 308(5) और 318(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने गिरोह के कथित वसूली के तरीके का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य कभी खुद को मत्स्य विभाग का अधिकारी तो कभी पत्रकार बताकर लोगों को डराते-धमकाते थे। इसके बाद मुकदमे में फंसाने अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर उनसे धनराशि वसूलते थे।
देवरनियां में भी 13 हजार रुपये वसूले
पुलिस जांच में देवरनियां थाना क्षेत्र के ग्राम भुला भुलनिया निवासी प्यारे लाल से वसूली का मामला भी सामने आया। पुलिस के मुताबिक, छह सितंबर को आरोपियों ने मत्स्य विभाग का अधिकारी बनकर प्यारे लाल को डराया-धमकाया और उनसे 13 हजार रुपये वसूल लिए। इस मामले में देवरनियां थाने में भी मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद आजम हुसैन निवासी 177 करमपुर चौधरी, थाना इज्जतनगर को 11 सितंबर की रात करीब 9:50 बजे देवरनियां रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने गिरोह में रिजवान खां निवासी करमपुर चौधरी, थाना इज्जतनगर, बरेली और बसंत शर्मा पुत्र कैलाश शर्मा निवासी मोती जयराम, शहर गेट, थाना कासगंज, जनपद कासगंज के शामिल होने की जानकारी दी।
ऑनलाइन वसूली के स्क्रीनशॉट मिले
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान आरोपियों द्वारा अलग-अलग लोगों से ऑनलाइन माध्यम से ली गई धनराशि के स्क्रीनशॉट भी मिले हैं। पुलिस का कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर गिरोह द्वारा की गई वसूली की जानकारी जुटाई जा रही है।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, मामले में फरार बताए जा रहे आरोपियों रिजवान खां और बसंत शर्मा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस जांच में सामने आया गिरोह का तरीका
पुलिस के मुताबिक, गिरोह लोगों की गतिविधियों को लेकर उन्हें कार्रवाई और मुकदमे का भय दिखाता था। इसके बाद खुद को विभागीय अधिकारी या पत्रकार बताकर दबाव बनाया जाता और धनराशि की मांग की जाती थी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य मामलों और सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है।