बरेलीः रामगंगा में समाया प्राचीन मंदिर, किच्छा नदी में ढह गई चार करोड़ का निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक
-आरके सिंह- बरेली। बरेली जिले में नदियों के तेज कटान और बहाव ने तबाही मचा दी है। मीरगंज तहसील के कपूरपुर गांव में रामगंगा के कटान की चपेट में आया प्राचीन मंदिर बुधवार सुबह नदी में समा गया, जबकि शेरगढ़ ब्लॉक के बैरमनगर में जल जीवन मिशन के तहत करीब चार करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक मंगलवार सुबह किच्छा नदी में ढह गया। टंकी का ढांचा करीब चार सेकंड में नदी में समा गया। दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उधर, टंकी गिरने की घटना के बाद स्थल चयन और जल निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है।
कई दिन से कटान की जद में था मंदिर
मीरगंज तहसील के कपूरपुर गांव में रामगंगा के किनारे स्थित प्राचीन मंदिर कई दिनों से कटान की जद में था। नदी का कटान लगातार मंदिर की ओर बढ़ रहा था। ग्रामीणों और प्रशासन ने इसे बचाने के प्रयास किए, लेकिन नदी के तेज बहाव के सामने सुरक्षा इंतजाम कारगर नहीं हो सके। मंदिर का चबूतरा और दो खंभे पहले ही नदी में समा चुके थे। बुधवार सुबह ग्रामीणों को मंदिर के पूरी तरह नदी में समा जाने की जानकारी हुई। मंदिर गांव में आस्था का प्रमुख केंद्र था। इसके नदी में समाने से ग्रामीणों में मायूसी है।
खेत और आबादी पर भी मंडराया खतरा
कपूरपुर में मंदिर के अलावा आसपास के खेतों और आबादी पर भी रामगंगा के कटान का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए स्थायी इंतजाम कराने की मांग की है। एसडीएम मीरगंज निधि शुक्ला ने बताया कि कटान से प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। संबंधित विभागों और राजस्व टीम को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित स्थानों पर बचाव कार्य भी कराया जा रहा है।
चार सेकंड में नदी में समा गई टंकी
शेरगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बैरमनगर में जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2023 से निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक मंगलवार सुबह किच्छा नदी में समा गया। करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बन रही टंकी का ढांचा तैयार हो चुका था और पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी थी। नदी में तेज बहाव के कारण कटान बढ़ने से टंकी हिलने लगी और देखते ही देखते करीब चार सेकंड में ढह गई। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। टंकी की बाउंड्रीवाल चार दिन पहले ही बह गई थी।
एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
टंकी के नदी में समाने की जानकारी मिलने पर एसडीएम निधि शुक्ला मौके पर पहुंचीं और अधिकारियों व ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि नदी से करीब आठ-दस मीटर की दूरी पर स्थित एक अन्य ओवरहेड टैंक के भी गिरने की आशंका है। उसकी सुरक्षा को लेकर भी जायजा लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
जांच समिति तय करेगी जिम्मेदारी
बैरमनगर में निर्माणाधीन टंकी के किच्छा नदी में गिरने की घटना की जांच के लिए जिलाधिकारी ने चार सदस्यीय समिति गठित की है। एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह की अगुवाई वाली समिति में एसडीएम मीरगंज, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता और जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता को शामिल किया गया है। समिति एक सप्ताह में स्थलीय निरीक्षण कर सभी बिंदुओं की जांच करेगी। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी और कार्यदायी संस्था को चिह्नित कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी।
स्थल चयन पर उठे सवाल
हर घर नल-हर घर जल परियोजना के तहत बैरमनगर में वर्ष 2023 से पानी की टंकी का निर्माण चल रहा था। टंकी के किच्छा नदी में समाने के बाद उसके निर्माण के लिए स्थल चयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परियोजना शुरू होने के समय जल निगम की तत्कालीन अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार थीं। शासन ने उन्हें मई में सरदारनगर में पानी की टंकी गिरने की घटना के बाद निलंबित कर दिया था। अब शीशगढ़ में निर्माणाधीन टंकी के नदी में गिरने से जल निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
बुजुर्ग गांव में भी टंकी पर खतरा
मीरगंज तहसील क्षेत्र के बुजुर्ग गांव में बना ओवरहेड टैंक भी भाखड़ा नदी के कटान की जद में आ गया है। नदी के बढ़ते कटान के कारण यहां भी टंकी की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है।