बरेली में प्रशासन ने प्रतिबंधित थाई मांगुर का खेल पकड़ा, दो क्विंटल मछली नष्ट कराई
-आरके सिंह- बरेली। जिले के मीरगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम रैया नगला में मत्स्य विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित थाई मांगुर मछली के पालन का मामला पकड़ा। टीम ने चांद बाबू के करीब 2.5 बीघा क्षेत्रफल वाले तालाब में पाली जा रही लगभग दो क्विंटल थाई मांगुर को मौके पर ही नष्ट करा दिया। प्रशासन ने मत्स्य पालक को दोबारा प्रतिबंधित प्रजाति का पालन करने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
जिलाधिकारी अवनीश सिंह ने शुक्रवार को बताया कि सहायक निदेशक मत्स्य, बरेली और उप जिलाधिकारी, मीरगंज के नेतृत्व में टीम ने ग्राम रैया नगला में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चांद बाबू के तालाब में थाई मांगुर (क्लैरियस गैरीपिनस) का पालन होता मिला।
अधिकारियों के अनुसार तालाब में करीब 250 से 300 ग्राम वजन की लगभग दो क्विंटल मछली पाई गई। जिला प्रशासन और पुलिस बल की मदद से बरामद मछली का मौके पर ही विनिष्टीकरण कराया गया। चांद बाबू को भविष्य में थाई मांगुर का पालन नहीं करने की चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दोबारा प्रतिबंधित मछली का पालन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मत्स्य विभाग ने जिले के लोगों से थाई मांगुर का पालन, बिक्री, परिवहन और सेवन नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों के मुताबिक यह एक आक्रामक मांसाहारी प्रजाति है, जो जलाशयों में स्थानीय मछलियों और अन्य जलीय जीवों के लिए खतरा बन सकती है।
गौरतलब है कि भारत में अफ्रीकी कैटफिश यानी थाई मांगुर के पालन पर प्रतिबंध है। जिलाधिकारी अवनीश सिंह ने लोगों से अपील की है कि कहीं भी प्रतिबंधित प्रजाति का पालन होता मिले तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।