आगरा में बैंकों की 450 शाखाओं में ठप रहा कामकाज, तीन दिन तक नहीं खुलेंगे सरकारी बैंक

5 डे वर्किंग समेत अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को आगरा में बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल की। जिले की करीब 450 बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। कैश जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस और लोन संबंधी सेवाओं के लिए बैंक पहुंचे ग्राहकों को वापस लौटना पड़ा। संजय प्लेस स्थित SBI प्रशासनिक कार्यालय पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के बाद सेकेंड सैटरडे और रविवार के चलते सरकारी बैंक अब 15 सितंबर को खुलेंगे। निजी बैंकों में सामान्य कामकाज जारी रहा।

Sep 11, 2026 - 15:52
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आगरा में बैंकों की 450 शाखाओं में ठप रहा कामकाज, तीन दिन तक नहीं खुलेंगे सरकारी बैंक
हड़ताल कर रहे बैंककर्मी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए।

5 डे वर्किंग की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों का प्रदर्शन, संजय प्लेस में गरजे कर्मचारी, ग्राहकों को लौटना पड़ा बैरंग, अब 15 सितंबर को खुलेगा बैंकिंग कामकाज
 
आगरा। पांच दिन काम और दो दिन अवकाश यानी 5 डे वर्किंग की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों की शुक्रवार की हड़ताल का असर आगरा में साफ दिखाई दिया। जिले की करीब 450 बैंक शाखाओं में बैंकिंग कामकाज ठप रहा। सुबह बैंक पहुंचे ग्राहकों को जब हड़ताल की जानकारी मिली तो उन्हें बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा। सरकारी बैंकों में कैश जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस, लोन से जुड़े काम, बैंक ड्राफ्ट समेत कई नियमित सेवाएं प्रभावित रहीं। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं इस दौरान चलती रहीं। यूपीआई , नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए जरूरी लेनदेन करने वाले ग्राहकों को अपेक्षाकृत राहत मिली, लेकिन जिन ग्राहकों को बैंक शाखा में जाकर काम कराना था, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

संजय प्लेस में जुटे बैंक कर्मचारी

हड़ताल के दौरान सुबह से ही संजय प्लेस स्थित एसबीआई के प्रशासनिक कार्यालय पर बैंक कर्मचारियों की भीड़ जुटने लगी। कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और सरकार से उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि लंबे समय से 5 डे वर्किंग की मांग उठाई जा रही है, लेकिन इस पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। बैंककर्मी नेता ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग 5 डे वर्किंग लागू करने की है। उनका आरोप है कि बैंक कर्मचारियों के साथ कार्य दिवस को लेकर भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार के अधिकांश विभागों में पांच दिन काम होता है और RBI में भी 5 डे वर्किंग लागू है तो बैंकों को इससे अलग क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बैंकिंग का बड़ा हिस्सा डिजिटल माध्यम से संचालित हो रहा है। UPI और नेट बैंकिंग जैसी सेवाओं के कारण ग्राहक शाखा बंद होने के बावजूद कई जरूरी लेनदेन कर सकते हैं।

400 से ज्यादा शाखाओं में काम बंद

बैंककर्मी नेता ने कहा कि 5 डे वर्किंग को लेकर कर्मचारियों में लंबे समय से नाराजगी है। इसी के विरोध में शुक्रवार को हड़ताल की गई। उन्होंने दावा किया कि आगरा जिले की 400 से अधिक बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग व्यवस्था में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद कर्मचारियों को सप्ताह में अतिरिक्त कार्य दिवस का सामना करना पड़ता है। उनका तर्क है कि पांच दिन काम की व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिलेगा।

ग्राहकों की बढ़ी परेशानी

हड़ताल का सबसे सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ा जिन्हें बैंक शाखा से जुड़े जरूरी काम कराने थे। कई ग्राहक कैश जमा करने, पैसे निकालने, चेक जमा कराने, चेक क्लियरेंस, लोन संबंधी प्रक्रिया और अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए शाखाओं तक पहुंचे, लेकिन वहां ताले और हड़ताल की सूचना मिलने के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। खासकर ऐसे ग्राहक जिन्हें नकदी की तत्काल जरूरत थी, उन्हें ATM का सहारा लेना पड़ा। वहीं ऑनलाइन भुगतान करने वाले ग्राहक यूपीआई और नेट बैंकिंग के जरिए अपना काम चलाते नजर आए।

तीन दिन को बैंक बंद, सोमवार को खुलेगा बैंक

शुक्रवार की हड़ताल के बाद बैंक ग्राहकों की परेशानी यहीं खत्म नहीं होगी। 13 सितंबर को सेकेंड सैटरडे और 14 सितंबर को रविवार होने के कारण सरकारी बैंकों की शाखाएं लगातार तीन दिन बंद रहेंगी। ऐसे में अब सामान्य बैंकिंग कामकाज 15 सितंबर, सोमवार से शुरू होगा। इसका मतलब है कि शाखा में जाकर होने वाले जरूरी कामों के लिए ग्राहकों को सोमवार तक इंतजार करना पड़ सकता है। इस दौरान एटीएम, यूपीआई, नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं उनके लिए मुख्य विकल्प रहेंगी।

निजी बैंक खुले रहे

हड़ताल में निजी बैंक शामिल नहीं रहे। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और ऐक्सिस बैंक जैसी निजी बैंकों की शाखाओं में सामान्य रूप से कामकाज जारी रहा। वहीं सरकारी बैंकों में हड़ताल के चलते शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित हुईं। इससे आगरा में बैंकिंग व्यवस्था का असर अलग-अलग रहा। डिजिटल लेनदेन करने वाले ग्राहकों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई, लेकिन शाखा पर निर्भर ग्राहकों के लिए शुक्रवार का दिन मुश्किल भरा रहा।