संयुक्त राष्ट्र में भारत की मांग के समर्थन में बांग्लादेश, संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष बनते ही उठाई आवाज
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष के नए नवेले अध्यक्ष खलीलुर रहमान ने सुरक्षा परिषद में सुधार की भारत की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार इसलिए जरूरी है ताकि इसे भविष्य के लिए और अधिक सक्षम बनाया जा सके। खलीलुर रहमान बांग्लादेश के विदेश मंत्री हैं।
संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के अध्यक्ष और बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने सुरक्षा परिषद में सार्थक सुधारों का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार इसलिए जरूरी है ताकि इसे भविष्य के लिए और अधिक सक्षम बनाया जा सके, जिससे लोगों का उस पर भरोसा फिर से कायम हो। भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का आह्वान कर रहा है। भारत ने सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट की दावेदारी भी की है, जिसे दुनिया के अधिकतर देशों का समर्थन प्राप्त है। ऐसे में खलीलुर रहमान के इस बयान को भारत की मांग के समर्थन में देखा जा रहा है।
मंगलवार को महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष का पद संभालने वाले रहमान से पूछा गया था कि उनकी अध्यक्षता लंबे समय से अटकी और धीमी गति से आगे बढ़ रही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में किस तरह मदद कर सकती है। उन्होंने कहा, ''सुधार सार्थक होने चाहिए। इन सुधारों से लोगों की नजर में इस संगठन पर भरोसा फिर से कायम होना चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक सुधारों को महज औपचारिक या दिखावटी कदम माना जाएगा। मैं इन सुधारों को लेकर बहुत गंभीर हूं।'
बांग्लादेश के विदेश मंत्री रहमान ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस की 'यूएन80' पहल का समर्थन जारी रखेंगे। इस पहल का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को अधिक सरल, प्रभावी और बेहतर समन्वय वाली बनाना है। उन्होंने कहा, ''हम ऐसी स्थिति में हैं, जहां भरोसे की कमी है और संगठन को खुद को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए बड़े सुधार करने होंगे। केवल आज के लिए नहीं, बल्कि कल के लिए भी। ''
रहमान ने संवाददाताओं से कहा, ''दुनिया आगे बढ़ चुकी है। संगठन को भी आगे बढ़ना होगा और मैं इस प्रक्रिया में मदद करूंगा।'' संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष ने कहा कि विश्व संगठन जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है और जिन अवसरों का लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है, उनके बीच वह सहयोग और संवाद को बहुत अधिक प्राथमिकता देंगे।
उन्होंने कहा, ''मैं इतना समझता हूं कि हर समस्या का समाधान जल्दी और सौहार्दपूर्ण तरीके से नहीं हो सकता है। कुछ मुद्दे अनसुलझे रहेंगे। कुछ समस्याओं के समाधान खोजने में समय लग सकता है। यह ठीक है। लेकिन इससे हमें जहां भी संभव हो, साझा आधार तलाशने की कोशिश बंद नहीं करनी चाहिए।'' रहमान को जून में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र का अध्यक्ष चुना गया था। यह सत्र मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुरू हुआ। उन्होंने जर्मनी की पूर्व विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक का स्थान लिया है।