फर्जी आयुर्वेदिक कंपनी का ऑनलाइन खेल, तीन गिरफ्तार, बीमारी तीन दिन में ठीक करने का झांसा देकर बेचते थे दवाएं, 14 मोबाइल, तीन लैपटॉप और 75 फर्जी दवाइयां बरामद

-आरके सिंह- बरेली। फर्जी आयुर्वेदिक दवा कंपनी और वेबसाइट बनाकर बीमारी ठीक करने के झूठे दावे वाले ऑनलाइन विज्ञापन चलाने वाले गिरोह का बारादरी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने यादगार रेस्टोरेंट के पास कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 14 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, दो चार्जर, 75 फर्जी दवाइयां, फर्जी बिल, शिपिंग लेबल और वेबसाइट का डेटा बरामद हुआ है।

Sep 13, 2026 - 21:39
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फर्जी आयुर्वेदिक कंपनी का ऑनलाइन खेल, तीन गिरफ्तार, बीमारी तीन दिन में ठीक करने का झांसा देकर बेचते थे दवाएं, 14 मोबाइल, तीन लैपटॉप और 75 फर्जी दवाइयां बरामद
फर्जी आयुर्वेदिक कंपनी चलाने के आरोप में बरेली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये आरोपी।

पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक ने बताया कि 12 सितंबर को सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की। आरोप है कि आरोपी लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से फर्जी वेबसाइट और ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए बिना वैध लाइसेंस के आयुर्वेदिक दवाइयां बेचने के लिए कॉल सेंटर चला रहे थे। लोगों को भ्रमित कर अनुचित आर्थिक लाभ अर्जित किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार मौके से 'Diabo Diabetic Powder' और 'Brahm Sugar Care' समेत 75 फर्जी दवाइयां मिलीं। इनके साथ फर्जी बिल और शिपिंग लेबल भी बरामद किए गए।

फर्जी बिल से जीतते थे ग्राहकों का भरोसा

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साजिद मलिक पुत्र मोहम्मद उमर निवासी जादोपुर, भोजीपुरा, बरेली, इस्लाम पुत्र सुलेमान निवासी एजाजनगर गौटिया, बारादरी, बरेली और मोहम्मद जफर पुत्र जाकिर हुसैन निवासी पशुपति विहार, बारादरी, बरेली के रूप में हुई है।

पुलिस की पूछताछ में साजिद ने कथित तौर पर बताया कि वेबसाइट और फोन कॉल के जरिए दवाइयों के ऑर्डर लिए जाते थे। ग्राहकों का भरोसा हासिल करने के लिए अलग-अलग कंपनियों के नाम से फर्जी बिल तैयार किए जाते थे और दवाइयां कूरियर के जरिए भेजी जाती थीं। उसने बताया कि दवाइयों से संबंधित काम उसका भाई रऊफ और साझेदार रिजवान देखते हैं।

फेसबुक पर बीमारी ठीक करने के दावे

दूसरे आरोपी इस्लाम ने पुलिस को बताया कि वह कंपनी का तकनीकी काम संभालता था। फेसबुक पर बीमारी को तीन दिन में ठीक करने का दावा करने वाले फर्जी विज्ञापन तैयार किए जाते थे। उसके अनुसार उसने Shopify पर वेबसाइट तैयार की थी और ग्राहकों को कैश ऑन डिलीवरी के जरिए पार्सल भेजे जाते थे।

पुलिस ने मामले में मु.अ.सं. 1151/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

SP_Singh AURGURU Editor