वकीलों के लिए सीएम योगी की बड़ी घोषणा, पांच लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में आयोजित इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में वकीलों को 5 लाख रुपये कैशलेस इलाज की सुविधा की घोषणा की है।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के वकीलों को अब कैशलेस ट्रीटमेंट सुविधा का लाभ मिलेगा। सरकार की ओर से वकीलों और उनके परिजनों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा देने की तैयारी है। प्रयागराज में इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन कार्यकारिणी 2025-26 की ओर से आयोजित स्वागत समारोह में पहुंचे सीएम योगी ने वकीलों के लिए 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा का ऐलान किया। कार्यक्रम में सीएम योगी की ओर से दो और ऐलान किए गए। इस दौरान सीएम योगी ने नए अधिवक्ता कक्षों की चाबी वकीलों को सांकेतिक रूप से सौंपी। सीएम योगी के हाई कोर्ट परिसर में पहुंचने पर वकीलों ने 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया।
सीएम योगी ने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी हमारी नई पीढ़ी के वकीलों की है। उन्होंने कहा कि मैं जब हाई कोर्ट के परिसर में प्रवेश कर रहा था तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उन्होंने कहा कि जब मैं अपने युवा वकीलों के चेहरे की चमक को देख रहा था। वास्तव में युवा के चेहरे पर चमक हो तो मानकर चलिए कि देश का भविष्य अच्छा है। अच्छी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने युवा वकीलों का आह्वान करते हुए कहा कि केवल सफल लीगल प्रोफेशनल बनने तक सीमित नहीं रहिए, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के प्रहरी और समाज के प्रति एक संवेदनशील एवं श्रद्धावान नागरिक भी बनें।
सीएम ने कहा कि अदालत केवल एक अधिवक्ता को प्रोफेशनल बनने तक सीमित नहीं रखती है, कांस्टीट्यूशनल जस्टिस और समाज के प्रति भी उसकी रिस्पांसिबिलिटी को बढ़ाता है। इसलिए, आप केवल मुकदमे के परिणाम तक अपने आप को सीमित न रखें। कई बार किसी व्यक्ति का विश्वास और उसके जीवन की दिशा को भी आपकी ओर से किए जाने वाले प्रयास बदलने में एक बड़ी भूमिका का निर्माण कर सकते हैं। इसी जिम्मेदारी को लेकर अधिवक्ताओं को आगे बढ़ाना है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने वकीलों की मांगों के पूरा किए जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वकीलों की ओर से लंबे समय से मांग की जा रही थी कि हाई कोर्ट परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण कराया जाए। इस कार्य को पूरा कराया गया। इसके अलावा चैंबर निर्माण की मांग को भी पूरा किया गया है। 10 हजार से अधिक वकीलों के लिए चैंबर का निर्माण किया गया। बार एसोसिएशन की तरफ से मांग आई है कि इन चैंबर्स में फर्नीचर और उपकरण लगाने में सरकार की ओर से मदद की जाए। सीएम योगी ने कहा कि चीफ जस्टिस की ओर से आने वाले हर प्रस्ताव पर सरकार की ओर से सहयोग किया जाएगा।
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सीएम योगी ने दूसरी घोषणा का जिक्र करते हुए कहा कि आज तकनीक से जुड़ना समाज की जरूरत है। राज्य विधि अधिकारियों के लिए भी आधुनिक तकनीक से जुड़ना जरूरी है। इससे वे जान सकें कि सरकार से जुड़े हुए कौन से मामले न्यायालय के पास आ रहे हैं। इसके लिए 400 राज्य विधि अधिकारियों को हम लोग टैबलेट की सुविधा भी उपलब्ध करवाने जा रहे हैं।
तीसरी घोषणा करते हुए सीएम ने कहा कि कि प्रदेश में सक्रिय प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल के माध्यम से जो भी प्रस्ताव हमारे सामने आएंगे, उनको सुविधा का लाभ दिया जाएगा। प्रदेश के अंदर हाई कोर्ट से लेकर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट तक के सभी अधिवक्ताओं को हम लोग कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस स्कीम की सुविधा देने जा रहे हैं। इससे हम अधिक से अधिक अधिवक्ताओं को जोड़ेंगे।
सीएम योगी आदित्यनाथ की घोषणा के दौरान कार्यक्रम में मौजूद वकीलों ने 'जय श्री राम' का उद्घोष किया। सीएम योगी के कार्यक्रम में पहुंचने पर एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट अमित सिंह सोनू ने उन्हें दंडवत प्रणाम किया। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने राज्य विधि अधिकारियों की फीस में 50 फीसदी की वृद्धि की बात कही। साथ ही, सीएम ने कहा कि जनता की ओर से चुनी गई सरकार की पहली प्राथमिकता सुशासन है।