ऐसो रास रच्यो वृंदावन…बल्केश्वर पार्क भागवत कथा में गूंजा रुक्मणि मंगल का उल्लास
आगरा। बल्केश्वर पार्क में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को रुक्मणी मंगल के दिव्य प्रसंग पर पूरा पंडाल भक्तिभाव से सराबोर हो गया। राष्ट्रीय संत चिन्मयानंद बापू ने जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया, हजारों भक्तों की आंखें झूम उठीं। भगवान कृष्ण स्वरूप हिमांशु सुगंधी और रुक्मणी स्वरूप कंचन सुगंधी के वरमाला की झांकी ने वातावरण को कृष्णमय बना दिया।
इससे पूर्व महारास प्रसंग पर- ऐसो रास रच्यो वृंदावन, है रही पायल की झंकार....भजन से पंडाल गूंज उठा। कथा व्यास बापू ने कहा कि हर व्यक्ति शांति की तलाश में है, परंतु शांति तभी मिलेगी जब इंद्रियां संयमित हों और ज्ञान का अवतरण हृदय में हो। उन्होंने बताया कि श्रद्धा ही सत्य तक पहुंचने का मार्ग है और ज्ञान होने पर ही परम शांति प्राप्त होती है।
कथा विश्राम पर गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में भगवान गणेश के बाल स्वरूप अर्नव गुप्ता की झांकी ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर महिलाओं को साड़ियां वितरित की गईं।
जगतगुरु रामभद्राचार्य पर भी बोले
संत प्रेमानंद के विषय में जगतगुरु रामभद्राचार्य की टिप्पणी से उठे विवाद पर संत चिन्मयानंद बापू ने कहा कि जगतगुरु कभी एक व्यक्ति के नहीं, जगत के कल्याण की बात करते हैं। महापुरुषों की वाणी को हल्के में लेकर उपद्रव करना उचित नहीं। हमें अपने धर्म और देवभाषा संस्कृत से दूर नहीं होना चाहिए।
तीर्थ कथा आयोजन समिति का विमोचन
कथा के दौरान विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट की तीर्थ कथा आयोजन समिति का बैनर संत चिन्मयानंद बापू ने विमोचित किया। उन्होंने बताया कि अब प्रतिवर्ष एक तीर्थ स्थल पर कथा होगी। मार्च 2026 में बरसाना धाम में होली महोत्सव का आयोजन होगा। इच्छुक भक्त इस समिति के सदस्य बन सकते हैं।
कल होगा भागवत कथा का समापन
समापन दिवस पर गुरुवार को कथा शाम की जगह दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक होगी। इसमें भागवत कथा का सार और सुदामा चरित्र का वर्णन होगा। पार्षद हरिओम गोयल ‘बाबा’ सुदामा स्वरूप में झांकी प्रस्तुत करेंगे। इससे पूर्व सुबह 10 से 12 बजे तक पूज्य बापू गुरु दीक्षा प्रदान करेंगे।
ये रहे आरती करने वालों में शामिल
समापन पर आरती मुरारी लाल गोयल, सुमन गोयल, श्रीमती मधु बघेल, श्रीमती विनीता सुगंधी, गोविंद सुगंधी, अमित सुगंधी, हिमांशु सुगंधी, आशीष सुगंधी, तीरथ कुशवाह, सुरेश चंद्र अग्रवाल, तेजेंद्र सिंह गुर्जर, हरिओम गोयल, भोलानाथ अग्रवाल, राकेश गुप्ता, विजय वर्मा और उदयभान सिंह भदौरिया ने की।