नारियल कचरे से बनया जा सकता है ‘नेचर बैंक’: पालीवाल पार्क से उठी अनोखी पहल, ईको क्लब ने नगर निगम से मांगा सहयोग
आगरा। शहर के पालीवाल पार्क में रोजाना बड़ी संख्या में लोग नारियल पानी पीने पहुंचते हैं, लेकिन इसके बाद बचे नारियल के खोल वहीं फेंक दिए जाते हैं। अब इस ‘कचरे’ को उपयोगी संसाधन में बदलने की अनोखी पहल सामने आई है। ईको क्लब के संस्थापक एवं पर्यावरण प्रहरी प्रदीप खंडेलवाल ने नगर निगम से अपील की है कि इन नारियल के खोलों को ईको क्लब को उपलब्ध करा दिया जाए, ताकि इन्हें पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में इस्तेमाल किया जा सके।
इस कचरे से बनेगा पक्षियों का आशियाना
प्रदीप खंडेलवाल ने बताया कि नारियल के इन खोलों से छोटे-छोटे पक्षियों के लिए घोंसले, पक्षियों के पानी पीने के बर्तन और दाना रखने के पॉट बनाए जा सकते हैं। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि शहर में पक्षियों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
‘कचरे’ से सजाए जा सकते हैं पार्क और क्यारियां
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इन नारियल खोलों को रंग-रोगन कर छोटे-छोटे सजावटी पहाड़ या अन्य संरचनाएं बनाई जा सकती हैं, जिन्हें पार्क की क्यारियों में ईंट-पत्थर के स्थान पर भी उपयोग किया जा सकता है। इससे सौंदर्यीकरण के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
गरीब विक्रेताओं की भी सराहना
प्रदीप खंडेलवाल ने पालीवाल पार्क में नारियल पानी बेचने वाले गरीब विक्रेताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने परिवार का भरण-पोषण ईमानदारी से कर रहे हैं और शहरवासियों को शुद्ध पेय उपलब्ध करा रहे हैं।
ईको क्लब ने नगर निगम आगरा के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि यदि संभव हो तो इस पहल में सहयोग करें और नारियल के खोलों को एकत्र कर क्लब को उपलब्ध कराएं, ताकि शहर को स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में एक नई शुरुआत हो सके।