ईरान पर दबाव बनाने को ट्रंप भेजेंगे और सेनाएं, पेजेश्कियान बोले- हम चाहते हैं रचनात्मक संवाद, ट्रंप की कोशिंशें होंगी नाकाम
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका की ओर से अपने इरादों को थोपने या ईरान को सरेंडर करने के लिए मजबूर करने की कोई भी कोशिश पूरी तरह से नाकाम होगी।
तेहरान। मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर होने के बाद भी तनाव लगातार बरकरार है। अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी बंदरगाहों का नाकेबंदी कर दी है। इसके लिए अमेरिका ने भारी संख्या में सेना, सैन्य विमान और युद्धपोतों को भी तैनात कर दिया है। इस बीच पता चला है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नेतृत्व वाली अमेरिकी प्रशासन ईरान पर अपना दबाव बढ़ाने के लिए मिडिल ईस्ट में और अधिक सेना भेजने वाली है। वहीं, दूसरी तरफ ईरानी नेतृत्व इस संघर्ष के दौरान बातचीत करने की इच्छा जाहिर कर रहा है।
द वाशिंगटन पोस्ट ने बुधवार (15 अप्रैल, 2026) को इस मामले से जुड़े अधिकारियों का हवाला देते हुए एक रिपोर्ट साझा की है, जिसके मुताबिक, अमेरिकी की डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान पर समझौता कराने के लिए दबाव बढ़ाना चाहता है, जिसके लिए अमेरिका आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट में हजारों की संख्या में सैनिकों को भेजने की तैयारी कर रहा है।
वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बुधवार (15 अप्रैल, 2026) को तेहरान के खिलाफ अमेरिका की ओर से दबाव बढ़ाने और सैन्य आक्रामकता की कोशिश पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध नहीं, बल्कि बातचीत करना चाहता है। अमेरिका की ओर से अपने इरादों को थोपने या ईरान को सरेंडर करने के लिए मजबूर करने की कोई भी कोशिश पूरी तरह से नाकाम होगी।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी इरना के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा, ‘ईरान रचनात्मक संवाद पर जोर देता है, लेकिन किसी भी तरह के दबाव के आगे नहीं झुकेगा. अमेरिका की अपनी इच्छा थोपने या ईरान को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने का किसी भी कोशिश का नाकाम होना पूरी तरह से तय है। जनता ऐसे नजरिए को कभी नहीं अपनाएगी। ईरान युद्ध नहीं चाहता है
सेंटकॉम ने पोस्ट में कहा, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी के लिए अमेरिका ने 10 हजार से ज्यादा नौसैनिक, मरीन को तैनात किया है। इसके साथ, 100 से ज्यादा लड़ाकू, निगरानी और टोही विमानों के साथ-साथ दर्जनभर से ज्यादा युद्धपोतों की भी तैनाती की गई है।’