बीए-एमए, बीएड और टीईटी पास गुरुजी, फिर भी बच्चों को नहीं आती गिनती; बरेली के सरकारी स्कूलों की हकीकत उजागर

-आरके सिंह- बरेली। बरेली जिले के सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता के लगातार औचक निरीक्षणों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उच्च शिक्षित और टीईटी, सुपर टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों के बावजूद कई विद्यालयों में बच्चों का शैक्षिक स्तर बेहद कमजोर मिला। कई छात्र गिनती और तीन का पहाड़ा तक नहीं सुना सके। वहीं छात्र उपस्थिति, मिड-डे मील, साफ-सफाई और विद्यालय प्रबंधन में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। मामले को गंभीर मानते हुए बीएसए ने दो प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने, शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगने और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की है।

Jul 31, 2026 - 22:24
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बीए-एमए, बीएड और टीईटी पास गुरुजी, फिर भी बच्चों को नहीं आती गिनती; बरेली के सरकारी स्कूलों की हकीकत उजागर

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने बताया कि बुधवार को भोजीपुरा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पुन्नापुर, प्राथमिक विद्यालय खतौला गनपतराय और प्राथमिक विद्यालय विवियापुर चौधरी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चार शिक्षक अनुपस्थित मिले, जबकि कई विद्यालयों में छात्र संख्या नामांकन की तुलना में बेहद कम पाई गई।

पुन्नापुर स्कूल में रसोईघर पर ताला, परिसर में मिली झाड़ियां

बीएसए के अनुसार सुबह 8:50 बजे प्राथमिक विद्यालय पुन्नापुर पहुंचने पर रसोईघर पर ताला लटका मिला और विद्यालय परिसर में झाड़ियां उगी हुई थीं। यहां 58 नामांकित विद्यार्थियों के मुकाबले केवल 25 छात्र-छात्राएं उपस्थित मिले। ग्रामीणों ने भी शिक्षकों के समय पर विद्यालय न आने की शिकायत की।

तीसरी की छात्रा नहीं सुना सकी तीन का पहाड़ा

सुबह 9:09 बजे प्राथमिक विद्यालय खतौला गनपतराय में निरीक्षण के दौरान कक्षाओं के सामने टूटा फर्नीचर और कबाड़ पड़ा मिला। बालिका शौचालय का दरवाजा टूटा था और खिड़की की जाली भी गायब मिली। सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक बच्चों से कोई लिखित कार्य नहीं कराया गया था।

निरीक्षण के दौरान कक्षा तीन की एक छात्रा तीन का पहाड़ा नहीं सुना सकी, जबकि कक्षा दो का एक छात्र बीस तक गिनती भी नहीं बता पाया। बीएसए ने कहा कि यह स्थिति तब है जब वर्तमान में विद्यालयों में बीए, एमए, बीएड, टीईटी और सुपर टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कार्यरत हैं।

101 में से एक भी बच्चा यूनिफॉर्म में नहीं मिला

सुबह 9:35 बजे प्राथमिक विद्यालय विवियापुर चौधरी में 101 नामांकित छात्रों के मुकाबले 77 बच्चे उपस्थित मिले। इनमें से एक भी छात्र यूनिफॉर्म में नहीं था। ब्लैकबोर्ड पर मंगलवार लिखा मिला, जिससे यह भी स्पष्ट हुआ कि नियमित शैक्षणिक गतिविधियों में लापरवाही बरती जा रही थी।

इन अनियमितताओं को देखते हुए बीएसए डॉ. विनीता ने प्राथमिक विद्यालय पुन्नापुर और खतौला गनपतराय के प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए और संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा।

मिड-डे मील में फर्जी लाभार्थियों का खेल उजागर

बीएसए ने शुक्रवार को भुता विकासखंड के दो परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। यहां छात्र उपस्थिति और मिड-डे मील रजिस्टर में दर्ज लाभार्थियों की संख्या में बड़ा अंतर मिला।

उच्च प्राथमिक विद्यालय बहादुरपुर करोड़ में 146 नामांकित छात्रों के मुकाबले केवल 52 छात्र उपस्थित थे, जबकि मिड-डे मील अभिलेखों में लाभार्थियों की संख्या कहीं अधिक दर्ज मिली। बीएसए ने इसे फर्जी लाभार्थी दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में गैस सिलेंडर के बजाय लकड़ी से भोजन बनता मिला। हैंडवॉश की टोटियां टूटी थीं, शौचालय बंद मिला, अग्निशमन यंत्र खराब था और परिसर में झाड़ियां तथा घास उगी हुई थीं।

188 बच्चे मौजूद, रजिस्टर में 395 को खाना

इसके बाद कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय मेहतरपुर करोड़ का निरीक्षण किया गया। यहां 497 नामांकित छात्रों के मुकाबले केवल 188 छात्र उपस्थित मिले, जबकि मिड-डे मील रजिस्टर में 395 लाभार्थियों को भोजन वितरित दिखाया गया था।

मामले को गंभीर मानते हुए बीएसए ने दो प्रभारी प्रधानाध्यापकों का वेतन रोक दिया। साथ ही दो शिक्षकों और एक खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

बीएसए डॉ. विनीता ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में व्यवस्थाओं में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा।

SP_Singh AURGURU Editor