जिसे बनाया बीईओ, वह निकला शिक्षक, ट्रांसफर लिस्ट ने शिक्षा विभाग को किया हैरान
आगरा के बेसिक शिक्षा विभाग में सोमवार को खंड शिक्षाधिकारियों की ट्रांसफर सूची ने हड़कंप मचा दिया। शासन से जारी 121 नामों की सूची में नगर क्षेत्र के बीईओ सुमित कुमार की जगह सहायक अध्यापक कर्ण सिंह धाकड़ का नाम दर्ज था। नाम सामने आते ही विभाग में चर्चा शुरू हो गई। मामला अधिकारियों तक पहुंचने के कुछ घंटे बाद संशोधित सूची जारी की गई, जिसमें कर्ण सिंह धाकड़ का नाम नहीं था और सुमित कुमार समेत दो अन्य बीईओ के नाम भी हटा दिए गए।
121 नामों की सूची में नगर क्षेत्र के बीईओ की जगह सहायक अध्यापक कर्ण सिंह धाकड़ का नाम देख चौंके शिक्षक-कर्मचारी, कुछ घंटे बाद जारी हुई संशोधित सूची
आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग की ट्रांसफर सूची ने सोमवार को आगरा के शिक्षा विभाग में अचानक हलचल मचा दी। शासन से जारी खंड शिक्षाधिकारियों के स्थानांतरण के अनुमोदन पत्र में नगर क्षेत्र के खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार की जगह एक सहायक अध्यापक का नाम दर्ज हो गया। सूची सामने आते ही विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया कि आखिर नगर क्षेत्र का नया खंड शिक्षाधिकारी कौन है। दरअसल, शासन स्तर से सोमवार को प्रदेशभर के 121 खंड शिक्षाधिकारियों के स्थानांतरण से संबंधित अनुमोदन पत्र जारी किया गया। सूची में आगरा के भी खंड शिक्षाधिकारियों के नाम शामिल थे। लेकिन सूची में 95वें नंबर पर नगर क्षेत्र के खंड शिक्षाधिकारी के नाम के आगे ‘कर्ण सिंह धाकड़’ लिखा था। नाम सामने आते ही बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक और कर्मचारी हैरान रह गए।
‘ये कौन से बीईओ हैं?’ विभाग में शुरू हो गई चर्चा
सूची देखने के बाद विभागीय कर्मचारियों के बीच एक-दूसरे से सवाल-जवाब शुरू हो गए। किसी को समझ नहीं आया कि नगर क्षेत्र में तैनात खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार की जगह कर्ण सिंह धाकड़ का नाम कैसे आ गया। मामला इसलिए भी चौंकाने वाला था क्योंकि सुमित कुमार पिछले तीन साल से अधिक समय से नगर क्षेत्र में खंड शिक्षाधिकारी के पद पर तैनात हैं। ऐसे में अचानक ट्रांसफर अनुमोदन सूची में उनके स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति का नाम देखकर विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी जानकारी जुटाने लगे। जब कर्ण सिंह धाकड़ के बारे में पता किया गया तो सामने आया कि वह नगर क्षेत्र में ही सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। इसके बाद सूची में हुई गड़बड़ी को लेकर शिक्षा विभाग में चर्चाएं और तेज हो गईं।
कुछ घंटे बाद ही सामने आया संशोधन
शासन से जारी सूची में नाम की इस गड़बड़ी की जानकारी अधिकारियों तक पहुंची। मामला चर्चा में आने के बाद विभाग की ओर से कुछ ही घंटे में संशोधित अनुमोदन पत्र जारी कर दिया गया। संशोधित सूची में कर्ण सिंह धाकड़ का नाम नहीं था। इतना ही नहीं, संशोधित सूची में नगर क्षेत्र के खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार समेत दो अन्य खंड शिक्षाधिकारियों के नाम भी ट्रांसफर सूची से हटा दिए गए। यानी जिस सूची के जारी होने के बाद विभाग में अचानक यह सवाल खड़ा हो गया था कि नगर क्षेत्र में नया बीईओ कौन बन गया, कुछ घंटे बाद ही संशोधन ने पूरी तस्वीर बदल दी।
विभागीय स्तर पर चूक ने खड़े किए सवाल
खंड शिक्षाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पद की स्थानांतरण सूची में एक सहायक अध्यापक का नाम दर्ज हो जाना विभागीय प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच दिनभर इसी बात की चर्चा रही कि आखिर शासन को भेजी गई जानकारी में यह नाम किस स्तर पर दर्ज हुआ और बिना सत्यापन के सूची में कैसे पहुंच गया। हालांकि, कुछ घंटे के भीतर संशोधित पत्र जारी कर गलती को सुधार लिया गया, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं को जरूर हवा दे दी है।
तीन साल से अधिक समय से तैनात हैं सुमित कुमार
नगर क्षेत्र के खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार पिछले तीन साल से अधिक समय से इस पद पर तैनात हैं। ऐसे में उनके स्थान पर सहायक अध्यापक कर्ण सिंह धाकड़ का नाम सामने आना विभाग के लिए भी असहज स्थिति बन गया। फिलहाल संशोधित सूची जारी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है, लेकिन एक ही दिन में जारी सूची और फिर उसके संशोधन ने शिक्षा विभाग में कई सवाल छोड़ दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि बीईओ के स्थानांतरण की सूची तैयार करते समय इतनी बड़ी चूक आखिर कैसे हो गई?