सांसद राजकुमार चाहर के प्रयासों को लगे पंख, बाह-बटेश्वर में 35 करोड़ से बनेगा नया रेलवे स्टेशन

बाह-बटेश्वर के लोगों को बड़ी सौगात मिली है। फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर के प्रस्ताव और लगातार प्रयासों के बाद करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से नए रेलवे स्टेशन के निर्माण को मंजूरी मिली है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इसके शिलान्यास की संभावना है। स्टेशन बनने से क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ बटेश्वर के धार्मिक पर्यटन, स्थानीय कारोबार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Sep 14, 2026 - 19:20
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सांसद राजकुमार चाहर के प्रयासों को लगे पंख, बाह-बटेश्वर में 35 करोड़ से बनेगा नया रेलवे स्टेशन
शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियों और रूपरेखा को लेकर सांसद राजकुमार चाहर आगरा मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के साथ चर्चा करते हुए।

अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव करेंगे शिलान्यास, बटेश्वर को रेलवे मानचित्र पर मिलेगी नई पहचान

आगरा। फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजकुमार चाहर के लगातार प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। बाह-बटेश्वर क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही रेलवे स्टेशन की मांग अब धरातल पर उतरने जा रही है। सांसद के प्रस्ताव पर करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से नए रेलवे स्टेशन के निर्माण को स्वीकृति मिल गई है। प्रस्तावित स्टेशन का शिलान्यास अक्टूबर माह के दूसरे सप्ताह में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा किए जाने की तैयारी है।

बाह-बटेश्वर क्षेत्र के लिए इसे बड़ी सौगात माना जा रहा है। खासतौर पर भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि बटेश्वर को रेलवे के मानचित्र पर प्रमुख पहचान दिलाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। स्टेशन के निर्माण से न केवल स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी, बल्कि बटेश्वर की धार्मिक और पर्यटन क्षमता को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

वर्षों से उठाते रहे आवाज, अब मिली मंजूरी

बाह-बटेश्वर क्षेत्र में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की मांग लंबे समय से उठती रही है। सांसद राजकुमार चाहर ने इस मांग को केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय के सामने लगातार प्रमुखता से रखा। क्षेत्र की भौगोलिक, धार्मिक, पर्यटन और जनसुविधा से जुड़ी जरूरतों को देखते हुए उन्होंने प्रस्तावित रेलवे स्टेशन को स्वीकृति दिलाने के लिए लगातार पैरवी की। अब करीब 35 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद सांसद के प्रयासों को बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। स्टेशन के निर्माण से बाह और बटेश्वर क्षेत्र के हजारों लोगों को रेल सुविधा का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

रेल मंत्री के शिलान्यास की तैयारियां शुरू

प्रस्तावित रेलवे स्टेशन के शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियों और रूपरेखा को लेकर सांसद राजकुमार चाहर ने आगरा मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में शिलान्यास कार्यक्रम के आयोजन, रेलवे की ओर से की जाने वाली तैयारियों और निर्माण परियोजना से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में रेल मंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए रेलवे और स्थानीय स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने की कवायद शुरू हो गई है।

बटेश्वर के धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा सहारा

बटेश्वर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से आगरा मंडल का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां भगवान शिव के प्राचीन मंदिरों की श्रृंखला के साथ-साथ प्रसिद्ध बटेश्वर पशु मेला भी आयोजित होता है। इसके अलावा अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि होने के कारण भी बटेश्वर का विशेष ऐतिहासिक महत्व है। नए रेलवे स्टेशन के निर्माण से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से धार्मिक आयोजनों और पर्यटन गतिविधियों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। इसका सीधा असर स्थानीय बाजार, होटल, परिवहन, छोटे कारोबार और अन्य रोजगार गतिविधियों पर पड़ने की संभावना है।

स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी उम्मीद होगी पूरी

बाह-बटेश्वर क्षेत्र के लोगों के लिए रेलवे स्टेशन की स्वीकृति केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही मांग के पूरा होने की दिशा में बड़ा कदम है। स्टेशन बनने के बाद आसपास के गांवों और कस्बों के लोगों को रेल यात्रा के लिए दूर के स्टेशनों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। सांसद राजकुमार चाहर के प्रयासों से स्वीकृत इस परियोजना को क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अब लोगों की निगाहें अक्टूबर में होने वाले शिलान्यास कार्यक्रम और इसके बाद शुरू होने वाले निर्माण कार्य पर टिकी हैं। 35 करोड़ की यह परियोजना बाह-बटेश्वर की तस्वीर बदलने के साथ ही क्षेत्र की धार्मिक, पर्यटन और आर्थिक संभावनाओं को भी नई रफ्तार देने वाली साबित हो सकती है।