नीट क्वालीफाई कर बनना चाहता था डॉक्टर,    बना ट्रेन का शातिर चोर,    25 लाख के जेवर के साथ दो गिरफ्तार

कभी डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने का सपना देखने वाला पुनीत आज ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराने वाला शातिर चोर बन गया।

Sep 15, 2026 - 21:13
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नीट क्वालीफाई कर बनना चाहता था डॉक्टर,    बना ट्रेन का शातिर चोर,    25 लाख के जेवर के साथ दो गिरफ्तार


आगरा। कभी डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने का सपना देखने वाला पुनीत आज ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराने वाला शातिर चोर बन गया। उसने NEET परीक्षा क्वालीफाई भी की थी, लेकिन वर्ष 2017 में परीक्षा रद्द होने के बाद उसने मेडिकल की राह छोड़ दी। इसके बाद उसकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया कि वह अपराध की दुनिया में उतर गया। जीआरपी के मुताबिक, पुनीत ने अपने दोस्त आकाश के साथ मिलकर ट्रेनों में चोरी का ऐसा नेटवर्क खड़ा किया, जिसमें बुजुर्ग और अकेले सफर करने वाले यात्री इनके निशाने पर रहते थे।

जीआरपी ने मंगलवार सुबह मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को आगरा कैंट स्टेशन से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से यात्रियों से चोरी किए गए करीब 25 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर बरामद होने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, पुनीत के खिलाफ दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

गर्लफ्रेंड को कैंसर हुआ तो खर्च किए 80 लाख रुपये
पूछताछ में पुनीत ने पुलिस को बताया कि वह एक लड़की से प्रेम करता था। उसकी गर्लफ्रेंड को कैंसर होने के बाद इलाज में करीब 80 लाख रुपये खर्च हुए। पुनीत के मुताबिक, उसने इलाज के लिए अपनी जमा पूंजी तक लगा दी। इसके बाद उस पर आर्थिक दबाव बढ़ता गया। कर्ज चुकाने और पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए उसने चोरी का रास्ता अपनाया।

हालांकि, पुलिस के मुताबिक चोरी से मिलने वाला पैसा सिर्फ कर्ज चुकाने में ही नहीं लगा। आरोपी ने महंगे कपड़े, शराब, पार्टियों और अपनी कथित लग्जरी लाइफस्टाइल पर भी रकम खर्च की।

हफ्ते में दो दिन क्लब, बाकी दिन ट्रेनों में रेकी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपियों की जिंदगी का एक हिस्सा ट्रेनों में यात्रियों की रेकी करने और दूसरा हिस्सा चोरी से मिले पैसों को उड़ाने में बीत रहा था। पुनीत ने बताया कि वह और आकाश सप्ताह में करीब दो दिन क्लब जाते थे। वहां शराब और पार्टियों पर पैसा खर्च करते थे।

आरोपियों के निशाने पर खासतौर से ऐसे यात्री रहते थे, जो रात में ट्रेन में सो जाते थे। दोनों पहले कोच में यात्रियों की रेकी करते और फिर ऐसे यात्री को चुनते, जो बुजुर्ग हो या अकेले सफर कर रहा हो। यात्री के सोते ही मौका देखकर बैग, पर्स और जेवरात लेकर दूसरे स्टेशन पर उतर जाते थे।

एक वारदात के बाद बदल देते थे जिला
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए भी अपना तरीका तय कर रखा था। जिस जिले में चोरी के मामले में पुलिस उन्हें पकड़कर चालान कर देती थी, वहां दोबारा वारदात नहीं करते थे। एक घटना के बाद तत्काल दूसरे जिले का रुख कर लेते थे।

इसी रणनीति के चलते दोनों लंबे समय तक अलग-अलग इलाकों में घूमकर ट्रेनों में चोरी करते रहे। चलती ट्रेन में वारदात के बाद सामान लेकर उतरना और फिर दूसरे जिले में पहुंच जाना उनकी कार्यशैली का हिस्सा था।

ट्रेन में चढ़ते ही शुरू होती थी रेकी
जीआरपी के सीओ राजेश दीक्षित के अनुसार, आरोपी संगठित तरीके से वारदात करते थे। ट्रेन में सवार होने के बाद दोनों यात्रियों पर नजर रखते थे। कौन यात्री अकेला है, किसके पास बैग है, कौन बुजुर्ग है और कौन रात में गहरी नींद में सो रहा है—इन सबकी रेकी की जाती थी।

मौका मिलते ही यात्री का सामान लेकर ट्रेन से उतर जाते थे। इसके बाद चोरी के माल को ठिकाने लगाने और रकम को अपने खर्च में इस्तेमाल करने का काम किया जाता था।

27 से अधिक मुकदमों में नाम, 25 लाख के जेवर बरामद
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी पुनीत के खिलाफ 27 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं, जबकि दोनों आरोपियों के खिलाफ दो दर्जन से अधिक चोरी के मुकदमे सामने आए हैं। जीआरपी ने आरोपियों के कब्जे से करीब 25 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।

पुलिस अब बरामद जेवरों के संबंध में दर्ज पुराने मुकदमों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों ने अब तक किन-किन ट्रेनों और स्टेशनों पर वारदात की हैं।

जीआरपी की कार्रवाई से यात्रियों को राहत
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हुई गिरफ्तारी को जीआरपी की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों के जेल भेज दिया गया है और उनके आपराधिक नेटवर्क तथा चोरी के माल के खरीदारों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।