दिशा सालियान केस में एफआईआर दर्ज,  हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई की कार्रवाई,   आदित्‍य ठाकरे, डिनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती और सूरज पंचोली भी आरोपी

दिशा सालियान के मौत मामले में बड़ा ट्व‍िस्‍ट आ गया है। CBI ने बॉम्‍बे हाई कोर्ट के न‍िर्देश पर FIR दर्ज कर ली है। द‍िशा के प‍िता की श‍िकायत के आधार पर इसमें आदित्‍य ठाकरे से लेकर र‍िया चक्रवर्ती, ड‍िनो मोर‍िया और सूरज पंचोली को भी आरोपी बनाया गया है।

Sep 14, 2026 - 21:30
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दिशा सालियान केस में एफआईआर दर्ज,  हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई की कार्रवाई,   आदित्‍य ठाकरे, डिनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती और सूरज पंचोली भी आरोपी

मुंबई। दिवंगत बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है। बड़ी खबर ये है कि इस संदिग्ध मौत के मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने सीधे तौर पर शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेता आदित्य ठाकरे का नाम भी शामिल किया है। यही नहीं, दिशा के पिता सतीश सालियन की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने एफआईआर में बॉलीवुड एक्‍टर डिनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती, सूरज पंचोली के साथ-साथ मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह, जेल में बंद पुलिस अधिकारी सचिन वाझे और कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के नाम लिए हैं।

केंद्रीय जांच ब्‍यूरो ने दिशा के पिता सतीश सालियान के बयान के आधार पर यह एफआईआर दर्ज की है। पिता का आरोप है कि सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल करके उनकी बेटी की मौत से जुड़े सबूत मिटा दिए गए थे। सीबीआई ने यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद की है। दिशा की मौत जून 2020 में मुंबई में हुई थी और उनकी मौत के कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी।

सीबीआई के समक्ष सतीश सालियान के बयान के मुताबिक, मामले में कई लोगों की भूमिका की गहराई से जांच किए जाने की जरूरत है। उन्होंने आपराधिक साजिश, दिशा की मौत को आत्महत्या बताने वाली गलत कहानी तैयार करने और उसे फैलाने के साथ-साथ सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनमें कथित छेड़छाड़ किए जाने जैसे आरोपों की जांच की मांग की है। सतीश सालियान ने बयान में जिन लोगों के नाम का जिक्र किया है, उनमें आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड्स, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, डीसीपी विशाल ठाकुर और अनिल देशमुख समेत कई पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

सीबीआई की ओर से एफआईआर दर्ज होने से दो दिन पहले 11 सितंबर को दिशा के पिता सतीश सालियान ने अपना बयान दर्ज कराया था। तब उनके वकील निलेश ओझा भी सीबीआई दफ्तर पहुंचे थे। यहां वकील निलेश ओझा ने कहा, 'हम आदित्य ठाकरे और अन्य लोगों के ख‍िलाफ गैंग-रेप और हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज कराने आए हैं। दूसरी बात, हमारे पास मौजूद सबूतों के अलावा, हमारे पास सचिन वाजे का न्यायालय के बाहर किया गया कबूलनामा भी है... नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पास सबूत होने के बावजूद, एनसीबी अधिकारी संजय सिंह 6 साल तक आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया और अन्य आरोपियों के ख‍िलाफ चार्जशीट दाखिल करने में नाकाम रहे। क्‍योंकि जांच के दौरान इसमें भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, इसलिए हम एक अलग जांच की मांग कर रहे हैं।'

दिशा के पिता ने इस मामले में मालवणी पुलिस स्टेशन से जुड़े अधिकारियों, दिशा के पोस्टमार्टम में कथित देरी से जुड़े डॉक्टरों और स्टाफ, कलिना स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के कर्मचारियों, रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड्स और कई अन्य लोगों का भी बयान में जिक्र किया गया है।

सीबीआई ने इससे पहले सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए मालवणी पुलिस को पत्र लिखा था। एजेंसी ने ये रिकॉर्ड अपनी जांच को आगे बढ़ाने के लिए मांगे थे। अब बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले में नए सिरे से जांच के लिए सीबीआई को निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा था कि जांच की निगरानी के लिए सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया जाए।