पीओके में पाकिस्तानी फौज ने प्रदर्शनकारियों पर की सीधी फायरिंग, 34 मौतों के दावे के बीच सड़कों पर मातम और पीड़ित परिवारों की चीख-पुकार

मुजफ्फराबाद/मीरपुर। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने भीड़ पर सीधी गोलीबारी की, जिसमें पिछले दो दिन में 34 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया।

Jul 29, 2026 - 21:59
 0
पीओके में पाकिस्तानी फौज ने प्रदर्शनकारियों पर की सीधी फायरिंग, 34 मौतों के दावे के बीच सड़कों पर मातम और पीड़ित परिवारों की चीख-पुकार

पीओके में यह आंदोलन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में चल रहा है। प्रदर्शनकारी लंबे समय से राजनीतिक अधिकारों, स्थानीय प्रतिनिधित्व, आर्थिक समस्याओं और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर विरोध जता रहे हैं। हाल के दिनों में चुनाव व्यवस्था और क्षेत्रीय अधिकारों से जुड़े विवादों के बाद तनाव और बढ़ गया।

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद कई इलाकों में तनाव और मातम का माहौल है। प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि सुरक्षा बलों की गोलीबारी में बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए, जिसके बाद मृतकों के परिवार सदमे में हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में कई स्थानों पर परिजनों को अपने प्रियजनों की मौत पर रोते-बिलखते देखा गया है।

प्रदर्शनकारी समूहों का कहना है कि आंदोलन में शामिल आम लोगों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोलियां चलाईं। उनका दावा है कि मारे गए लोगों में आम नागरिक और युवा भी शामिल हैं। कई परिवारों ने कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप- शांतिपूर्ण भीड़ पर चली गोलियां

प्रदर्शनकारी समूहों का दावा है कि मीरपुर समेत कई इलाकों में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के नाम पर गोलीबारी की। उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग मारे गए और कई लोग घायल हुए।

प्रदर्शनकारियों और नागरिक संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए और क्षेत्र में लगाए गए संचार प्रतिबंधों को हटाया जाना चाहिए।

तनाव के कारण कई इलाकों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर असर पड़ा, जिससे घटनाओं की पूरी जानकारी सामने आने में कठिनाई बताई जा रही है।

पाकिस्तान सरकार ने आरोपों को किया खारिज

पाकिस्तानी अधिकारियों ने सुरक्षा बलों पर लगाए गए सीधे गोलीबारी के आरोपों से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी और सुरक्षा बलों पर हमले किए गए।

अधिकारियों ने दावा किया कि भीड़ में कुछ हिंसक तत्व शामिल थे, जिन्होंने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ समूहों ने राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास किया।

इलाके में तनाव, जांच की मांग तेज

घटनाओं के बाद पीओके के कई हिस्सों में तनाव बना हुआ है। मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समूहों ने मौतों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर पारदर्शी जांच की मांग उठाई है।

हालांकि, घटना में मृतकों की संख्या और गोलीबारी की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। प्रदर्शनकारी जहां सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वहीं पाकिस्तान प्रशासन इसे हिंसक हालात में की गई कार्रवाई बता रहा है।

SP_Singh AURGURU Editor