कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों का दमदार पंच, 9 पदक हुए पक्के, शॉटपुट में भी फाइनल की उम्मीदें बरकरार
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बॉक्सिंग में पांच खिलाड़ियों ने बुधवार को सेमीफाइनल में जगह बनाकर कुल 9 पदक पक्के कर दिए हैं। वहीं शॉटपुट में तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल फाइनल में पहुंच गए हैं। हालांकि, वेटलिफ्टिंग में 19 वर्षीय संजना पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। फिलहाल भारत 2 स्वर्ण सहित 12 पदकों के साथ अंक तालिका में नौवें स्थान पर है।
ग्लासगो। ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बॉक्सिंग में पांच खिलाड़ियों ने बुधवार को सेमीफाइनल में जगह बनाकर कुल 9 पदक पक्के कर दिए हैं। वहीं शॉटपुट में तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल फाइनल में पहुंच गए हैं। हालांकि, वेटलिफ्टिंग में 19 वर्षीय संजना पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। फिलहाल भारत 2 स्वर्ण सहित 12 पदकों के साथ अंक तालिका में नौवें स्थान पर है।
भारतीय मुक्केबाजों ने दिखाया दम, 9 मेडल हुए सुनिश्चित
कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग मुकाबलों में भारत का दबदबा लगातार देखने को मिल रहा है। बुधवार को भारतीय मुक्केबाजों ने एक के बाद एक शानदार जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई और इसके साथ ही देश के लिए पदक भी सुनिश्चित कर दिए। बॉक्सिंग में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले हर खिलाड़ी का कम से कम कांस्य पदक पक्का माना जाता है।
पुरुष वर्ग में नरेंद्र बेरवाल (90 किग्रा) ने रोमांचक मुकाबले में समोआ के माइकल सेको को 3-2 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। मुकाबला बेहद कड़ा रहा, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने निर्णायक क्षणों में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की। इसके बाद अंकुश पंघल (80 किग्रा) ने सेशेल्स के जे मिकॉक को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया। वहीं सचिन सिवाच (70 किग्रा) ने बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी को भी 5-0 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
महिला मुक्केबाजों ने भी लहराया तिरंगा
महिला वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने न्यूजीलैंड की मॉर्गन एंडरसन को 3-1 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। वहीं साक्षी चौधरी (51 किग्रा) ने नॉर्दर्न आयरलैंड की कैथलीन फ्रेयर को 5-0 से हराकर शानदार जीत दर्ज की। दोनों मुक्केबाजों के सेमीफाइनल में पहुंचने से भारत के पदकों की संख्या और मजबूत हो गई है।
पहले ही चार खिलाड़ी कर चुके थे पदक सुनिश्चित
बुधवार से पहले ही भारतीय टीम के चार मुक्केबाज सेमीफाइनल में पहुंच चुके थे। इनमें लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), प्रिया घंगस (60 किग्रा) और जादुमणि सिंह (55 किग्रा) शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों के साथ अब भारत के कुल 9 मुक्केबाज सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं, जिससे देश के लिए कम से कम 9 पदक सुनिश्चित हो गए हैं।
शॉटपुट में तजिंदरपाल और समरदीप ने फाइनल में बनाई जगह
एथलेटिक्स में भी भारत के लिए अच्छी खबर आई। अनुभवी शॉटपुट खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर और समरदीप सिंह गिल ने पुरुष शॉटपुट स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली। तजिंदरपाल सिंह तूर ने पहले प्रयास में 19.93 मीटर और दूसरे प्रयास में 20.14 मीटर का थ्रो फेंककर सीधे ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया। दूसरी ओर, समरदीप सिंह गिल ने पहले प्रयास में 19.95 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। उनका दूसरा प्रयास 19.75 मीटर रहा, जबकि तीसरा प्रयास फाउल रहा। कुल प्रदर्शन के आधार पर वे पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंचने में सफल रहे। अब दोनों भारतीय खिलाड़ी गुरुवार को होने वाले फाइनल में पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे।
वेटलिफ्टिंग में संजना का सपना टूटा
भारत को वेटलिफ्टिंग में निराशा भी हाथ लगी। 19 वर्षीय संजना महिलाओं की 77 किलोग्राम स्पर्धा में पदक जीतने से चूक गईं। स्नैच इवेंट में उन्होंने 94 किलोग्राम वजन उठाने के तीनों प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। इसी कारण वे प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। हरियाणा की संजना ने इसी वर्ष एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर उम्मीदें जगाई थीं, लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स में वे उस प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकीं। इससे पहले भारतीय वेटलिफ्टर निरुपमा देवी सेराम भी अपने वर्ग में क्लीन एंड जर्क के तीनों प्रयासों में असफल रही थीं।
भारत की नजर अब और पदकों पर
बुधवार को भारतीय खिलाड़ी वेटलिफ्टिंग, स्विमिंग, पैरा स्विमिंग, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और लॉन बॉल्स में चुनौती पेश कर रहे हैं। सबसे ज्यादा उम्मीदें बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स से हैं। फिलहाल भारत 2 स्वर्ण सहित कुल 12 पदकों के साथ पदक तालिका में नौवें स्थान पर बना हुआ है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 35 स्वर्ण पदकों के साथ शीर्ष स्थान पर कायम है। भारतीय खिलाड़ियों के मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए आने वाले मुकाबलों में पदकों की संख्या बढ़ने की पूरी उम्मीद है।