आगरा में धर्मांतरण गिरोह पर कसा शिकंजा, सीए छात्रा के बयान से जांच को मिली नई धार

आगरा में धर्मांतरण गिरोह के खिलाफ जांच को नया मोड़ मिला है। राजस्थान की सीए छात्रा ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान देकर गिरोह पर ब्रेनवॉश और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। पहले से 14 आरोपी जेल में हैं और पुलिस अब इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए कार्रवाई तेज कर रही है।

Apr 17, 2026 - 00:31
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आगरा में धर्मांतरण गिरोह पर कसा शिकंजा, सीए छात्रा के बयान से जांच को मिली नई धार
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आगरा। आगरा में धर्मांतरण गिरोह के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले में अब एक नया और अहम मोड़ सामने आया है, जब राजस्थान के डीडवाना की एक सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंसी) छात्रा ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। छात्रा ने आरोप लगाया है कि गिरोह के सदस्य उसे मानसिक रूप से प्रभावित (ब्रेनवॉश) कर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहे थे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, छात्रा के ये बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए हैं, जिन्हें अब केस डायरी में शामिल किया जाएगा। इससे जांच को मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है और गिरोह के खिलाफ साक्ष्य और पुख्ता होंगे। यह मामला पिछले वर्ष उस समय उजागर हुआ था, जब आगरा से दो सगी बहनें संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थीं। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों बहनों को एक संगठित गिरोह द्वारा निशाना बनाया गया था, जो युवाओं को अपने जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास करता था।

जांच एजेंसियों ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए अब तक गिरोह के सरगना समेत 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से युवाओं को टारगेट करता था, उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित करता और फिर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाता था।

हाल ही में इनके खिलाफ चलाए  जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी भी की है, जिसमें कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क की जड़ें अन्य राज्यों तक भी फैली हो सकती हैं, जिसकी जांच जारी है। सीए छात्रा के ताजा बयान के बाद पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश में भी जुट गई है। साथ ही, इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।