श्रीराम कथा से गूंजा गौ ग्राम: सनातन रक्षा की हुंकार, गौ सेवा का राष्ट्रव्यापी संकल्प, अंतिम दिन ब्रजेश पाठक समेत कई और मंत्री-विधायक पहुंचे
मथुरा के फरह स्थित गौ ग्राम में आयोजित भव्य श्रीराम कथा के सप्तम सोपान पर सनातन संस्कृति, गौ सेवा और राष्ट्रधर्म की जोरदार हुंकार गूंजी, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने एक स्वर में संस्कृति की रक्षा का संकल्प लिया।

गौ ग्राम में श्रीराम कथा के अंतिम दिन उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।
मथुरा। जनपद के फरह स्थित दीनदयाल गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र (गौ ग्राम) में दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा का गुरुवार को सातवें दिन (सप्तम सोपान) श्रद्धा, भक्ति और जयघोष के बीच विश्राम हुआ।
व्यासपीठ पर विराजमान पूज्यपाद निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज के श्रीमुख से कथा श्रवण करने के लिए दूर-दराज से लाखों श्रद्धालु ट्रैक्टर, बसों और पैदल यात्रा कर कथा पंडाल में पहुंचे।
शबरी प्रसंग और नवधा भक्ति का भावपूर्ण वर्णन
व्यास पीठ से स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने भगवान श्रीराम और माता शबरी के जूठे बेर प्रसंग को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करते हुए कहा कि भगवान केवल भाव के भूखे होते हैं। उन्होंने ‘नवधा भक्ति’ का महत्व बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति भक्ति के नौ रूपों में से किसी एक को भी जीवन में अपना ले, उसे भगवान सहज ही प्राप्त हो जाते हैं।
कथा विश्राम के समय भक्तों के बिछड़ने की पीड़ा को उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई “मिलत एक दारुन दुख देही” के माध्यम से व्यक्त किया, जिससे पूरा पंडाल भावविभोर हो उठा।
सनातन संस्कृति पर खतरे की चेतावनी
कथा से पूर्व मंच संचालन करते हुए वेदपाठी पवन दत्त मिश्र ने सनातन संस्कृति की श्रेष्ठता को रेखांकित करते हुए पाश्चात्य प्रभावों को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि कुछ शक्तियां सनातन संस्कृति को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं, जिससे सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मत्स्य अवतार से जल संरक्षण का संदेश
भगवान के 24 अवतारों का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने मत्स्य अवतार को जल संरक्षण का प्रतीक बताया और कहा कि जल के बिना सृष्टि संभव नहीं है। कच्छप अवतार को जल-थल संतुलन का संदेश बताया गया। वक्ताओं ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के त्याग और भगवान श्रीकृष्ण के धर्मरक्षण के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
आरएसएस स्वयंसेवकों के संकल्प की सराहना
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों के गौ सेवा के प्रति समर्पण की सराहना की गई। कई स्वयंसेवकों ने संकल्प लिया कि जब तक सड़कों पर गौ माता सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक वे पूर्ण रूप से अन्न ग्रहण और सिले वस्त्र धारण नहीं करेंगे।
ब्रज भूमि पर कथा श्रवण सौभाग्य: ब्रजेश पाठक
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि ब्रजभूमि पर श्रीराम कथा का श्रवण करना परम सौभाग्य की बात है। उन्होंने गौ ग्राम में चल रही गौ सेवा और विकास कार्यों की सराहना करते हुए इसका श्रेय संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विशेषकर क्षेत्र प्रचारक महेंद्र जी को दिया।
इन विशिष्ट अतिथियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, बाह (आगरा) की विधायक रानी पक्षालिका सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त संघ के अखिल भारतीय ग्राम विकास प्रमुख डॉ. दिनेश, क्षेत्र प्रचारक श्री महेंद्र , अखिल भारतीय गौ गतिविधि संयोजक अजीत महापात्र, क्षेत्र कार्यवाह प्रमोद शर्मा, प्रांत प्रचार प्रमुख ब्रज कीर्ति कुमार भी मौजूद रहे।
शिक्षा और समाज सेवा क्षेत्र से विनीत त्रिपाठी, रजनी गोयल (पंछी पेठा, आगरा), केडी यूनिवर्सिटी के मनोज अग्रवाल, श्री बालाजी पब्लिकेशन मुजफ्फरनगर के प्रभात कुमार, मेरठ की मनिका शर्मा और बिजनौर के अमित गोयल सहित हजारों श्रद्धालु इस धर्म आयोजन के साक्षी बने।
श्रीराम कथा के विश्राम के साथ ही श्रद्धालुओं ने सनातन संस्कृति की रक्षा, गौ सेवा और धर्म के मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया, जिससे पूरा वातावरण धर्ममय हो उठा।