आगरा में एनकाउंटर का तांडव, राज चौहान हत्याकांड का मुख्य आरोपी अरबाज खान ढेर, दो अन्य भी गिरफ्तार

आगरा के राज चौहान मर्डर केस में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अरबाज खान को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। तमंचा बरामदगी के दौरान अरबाज ने पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए। उसी रात दो अन्य इनामी आरोपियों को भी अलग-अलग मुठभेड़ों में गिरफ्तार किया गया। महज 6 दिन में केस का खुलासा कर पुलिस ने तीनों शूटरों को निष्क्रिय कर दिया।

Jan 29, 2026 - 10:52
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आगरा में एनकाउंटर का तांडव, राज चौहान हत्याकांड का मुख्य आरोपी अरबाज खान ढेर, दो अन्य भी गिरफ्तार
पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर एक बदमाश को ढेर कर दिया, बाकी दो पुलिस की गिरफ्त में आ गए। चौथे चित्र में घायल सिपाही।

तमंचा बरामदगी के दौरान पुलिस पर हमला, जवाबी फायरिंग में ढेर हुआ अरबाज खान उर्फ मंसूरी

आगरा। आगरा के चर्चित राज चौहान मर्डर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया, जबकि इस हत्याकांड से जुड़े दो अन्य इनामी आरोपी मोहित पंडित और आशु तिवारी को अलग-अलग मुठभेड़ों में घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया।

रात 2 बजे पुलिस पर जानलेवा हमला

डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि बुधवार रात गिरफ्तार किए गए अरबाज खान को हत्या में प्रयुक्त तमंचे की बरामदगी के लिए टेढ़ी बगिया क्षेत्र स्थित कांशीराम आवास ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रात करीब 2 बजे अरबाज ने अचानक दरोगा को धक्का देकर सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

अफसरों की बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई जान

अरबाज की फायरिंग में आरक्षी मनोज कुमार और उपनिरीक्षक ऋषि गोली लगने से घायल हो गए। वहीं थाना प्रभारी ट्रांस यमुना उपनिरीक्षक हरेंद्र कुमार, थाना प्रभारी कोतवाली इंस्पेक्टर भानु प्रताप यादव की बुलेटप्रूफ जैकेट पर एक-एक गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई।

जवाबी फायरिंग में अरबाज ढेर

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरबाज खान के सीने और दाहिने पैर में गोली लगी। गंभीर हालत में पहले जिला अस्पताल और फिर एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अरबाज का पहले से आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।

एक ही रात में तीन एनकाउंटर

पुलिस की दूसरी मुठभेड़ डौकी के नदोता अंडरपास के पास हुई। यहां राज चौहान हत्याकांड का आरोपी आशु तिवारी निवासी न्यू गौशाला, रामगंज इटावा ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस ने अवैध तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस, .315 बोर हथियार बरामद किया है। 

तीसरा एनकाउंटर – ट्रांस यमुना क्षेत्र

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मोहित पंडित हाल निवासी कालिंदी विहार, मूल निवासी एटा को घेरा। फायरिंग में वह भी पैर में गोली लगने से घायल हुआ। पुलिस ने उसके पास से अवैध तमंचा, एक जिंदा व एक खोखा कारतूस स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की। तीनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

कैसे हुआ था राज चौहान का कत्ल?

गौरतलब है कि 23 जनवरी 2026 की रात राज चौहान को उसके जन्मदिन से एक दिन पहले दोस्तों के साथ एसएन गेस्ट हाउस, टेढ़ी बगिया ले जाया गया था। कुछ देर बाद कमरे में अचानक फायरिंग शुरू हो गई थी। इसी दौरान राज घायल हालत में बाहर भागा। उसे पीछे से कई गोलियां मारी गईं। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक की मां नीरू चौहान ने बताया था कि चार अज्ञात युवक घर आए थे,जो बेटे को साथ ले गए और फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश बताई गई।

9 पुलिस टीमों ने किया ऑपरेशन, 6 दिन में खुला मर्डर केस

राज चौहान हत्याकांड के खुलासे के लिए डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास के नेतृत्व में 9 विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। महज 6 दिन में केस का खुलासा करते हुए तीनों शूटरों को निष्क्रिय कर दिया गया।

एनकाउंटर में शामिल प्रमुख पुलिस अधिकारी

निरीक्षक भानु प्रताप यादव – कोतवाली

उ0नि0 हरेंद्र गुर्जर – ट्रांस यमुना

उ0नि0 अंकुर मलिक – छत्ता

उ0नि0 फारूख – सदर

उ0नि0 ऋषि – ट्रांस यमुना

कांस्टेबल मनोज कुमार – ट्रांस यमुना
सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।