आगरा मेट्रो को मिली रफ्तार, दूसरे कॉरिडोर में 2464 पाइल पूरे, जून से ट्रायल, अगस्त में दौड़ेगी मेट्रो

आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर (आगरा कैंट–कालिंदी विहार) में निर्माण तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। 2464 पाइल पूरे हो चुके हैं और जून से ट्रायल शुरू होगा। अगस्त में दूसरे कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा शुरू होने की तैयारी है। आगरा कॉलेज को जंक्शन बनाया जा रहा है। दिसंबर 2026 तक दोनों कॉरिडोर पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।

Jan 27, 2026 - 22:00
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आगरा मेट्रो को मिली रफ्तार, दूसरे कॉरिडोर में 2464 पाइल पूरे, जून से ट्रायल, अगस्त में दौड़ेगी मेट्रो
तेजी से चल रहा है मेट्रो का निर्माण कार्य।

आगरा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) आगरा में मेट्रो नेटवर्क को तेज़ी से विस्तार दे रहा है। आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बन रहे दूसरे कॉरिडोर में निर्माण कार्य पूरी गति से जारी है। अब तक 2464 पाइल का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। पाइलिंग कार्य के लिए 18 रिग मशीनें लगातार काम कर रही हैं, जिससे परियोजना तय समय-सीमा के भीतर आगे बढ़ रही है।

दूसरा कॉरिडोर: निर्माण की ताज़ा स्थिति

दूसरे कॉरिडोर में कुल 4096 पाइल, 762 पाइलकैप और 762 पियर बनाए जाने हैं। वर्तमान में  2464 पाइल पूर्ण, 388 पाइलकैप तैयार, 348 पिलर बन चुके हैं। 183 पियरकैप और 120 यू-गर्डर का निर्माण पूरा हो चुका है। इस कॉरिडोर के लिए डौकी स्थित कास्टिंग यार्ड में पियरकैप और यू-गर्डर की कास्टिंग की जा रही है, ताकि निर्माण की रफ्तार बनी रहे।

पहला कॉरिडोर पहले ही ट्रैक पर

गौरतलब है कि आगरा मेट्रो का पहला कॉरिडोर (ताज ईस्ट गेट–मन:कामेश्वर) पर संचालन सफलतापूर्वक चल रहा है। शेष भूमिगत हिस्से में अप लाइन पर मेट्रो ट्रायल भी पूरा हो चुका है। फिलहाल स्टेशनों की फिनिशिंग अंतिम चरण में है। मार्च के अंत तक यह कॉरिडोर आरबीएस कॉलेज तक विस्तारित हो जाएगा।

जून से ट्रायल, अगस्त में यात्रियों के लिए सेवा

UPMRC के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि दूसरे कॉरिडोर में जून से ट्रायल शुरू होगा। आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक ट्रायल किया जाएगा। इस सेक्शन में 75% से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अगले दो महीनों में पाँच स्टेशनों तक ट्रैक तैयार कर लिया जाएगा। अगस्त 2026 से दूसरे कॉरिडोर पर भी मेट्रो का नियमित संचालन शुरू करने की योजना है।

आगरा कॉलेज बनेगा मेट्रो जंक्शन

आगरा कॉलेज स्टेशन को दोनों कॉरिडोर का जंक्शन बनाया जा रहा है, ताकि यात्री एक कॉरिडोर से दूसरे में आसानी से मेट्रो बदल सकें। पहला कॉरिडोर ताज पूर्वी गेट से मन:कामेश्वर संचालित है। मार्च में इसे आरबीएस तक शुरू कर दिया जाएगा। दूसरे कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक बनाया जा रहा है। 

90 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रायल

अधिकारियों के मुताबिक, अगले सप्ताह से अधिकतम 90 किमी/घंटा की गति से ट्रायल शुरू होंगे। मार्च के अंत तक 10 स्टेशनों पर मेट्रो सेवा शुरू हो जाएगी, जबकि अगस्त तक 15 स्टेशनों पर संचालन शुरू हो जाएगा। दिसंबर 2026 तक दोनों कॉरिडोर पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण समय पर पूरा हो, इसके लिए मशीनों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी गई है।

30 किलोमीटर नेटवर्क, 30 मेट्रो ट्रेनें

आगरा में मेट्रो का कुल विस्तार 30 किलोमीटर का होगा। प्रति किलोमीटर औसतन एक मेट्रो ट्रेन के हिसाब से कुल 30 ट्रेनें (अप और डाउन लेन मिलाकर) चलाई जाएंगी। 18 ट्रेनें आ चुकी हैं, 12 और शेष का निर्माण चल रहा है। सभी ट्रेनें पीएससी मैदान स्थित डिपो में रखी जाएंगी, यहीं से संचालन होगा।