आगरा पुलिस की सबसे बड़ी साइबर कार्रवाई, 300 करोड़ की ठगी का खुलासा, 3 गिरोह ध्वस्त, 32 आरोपी गिरफ्तार
आगरा। आगरा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन संगठित साइबर गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त ऑपरेशन में ताजगंज से 24, जगदीशपुरा से 6 और किरावली से 2 आरोपियों सहित कुल 32 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में 100 से अधिक पुलिसकर्मी अलग-अलग टीमों में शामिल रहे।
रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी, दुबई बैठे सरगना पर शिकंजा
आगरा। आगरा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन संगठित साइबर गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। इस संयुक्त ऑपरेशन में ताजगंज से 24, जगदीशपुरा से 6 और किरावली से 2 आरोपियों सहित कुल 32 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में 100 से अधिक पुलिसकर्मी अलग-अलग टीमों में शामिल रहे।
एडिशनल सीपी सिटी आदित्य कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि इन तीनों गिरोहों के खिलाफ पूरे देश में 500 से अधिक शिकायतें दर्ज थीं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बीते 5 वर्षों में 300 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की गई है। ठगी की रकम को भारत से दुबई स्थित बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना नितिन भगौर दुबई में बैठकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा है। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। इस संयुक्त कार्रवाई में अब तक करीब 600 बैंक खातों को सीज किया जा चुका है।
एडीसीपी ने बताया कि एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर साइबर फ्रॉड और बैंक खातों के दुरुपयोग को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज थीं। एक मामले में 15 जून 2025 को शिकायतकर्ता एटीएम से रुपये निकाल रहा था, तभी एक व्यक्ति ने उससे 3600 रुपये नकद मांगे और बदले में ऑनलाइन ट्रांसफर किया। कुछ समय बाद पीड़ित का खाता होल्ड हो गया। जांच में सामने आया कि उसके खाते में साइबर फ्रॉड के 36 हजार रुपये आए थे।
इस केस की जांच में किरावली निवासी ऋषि का नाम सामने आया, जिसके लिंक खातों पर 54 शिकायतें दर्ज थीं। आगे की गोपनीय जांच में नितिन भगौर के नेतृत्व में संगठित साइबर गिरोह के संचालन का खुलासा हुआ। पुलिस ने 13 दिसंबर को ताजगंज से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनसे पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोपियों ने बताया कि वे डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी,व्हाट्सएप व टेलीग्राम पर फर्जी यूपीआई लिंक भेजकर फ्रॉड,गूगल पर विज्ञापन चलाकर और क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करते थे।
पुलिस को आरोपियों के पास से कई फर्जी आधार कार्ड भी मिले। जांच में सामने आया कि नितिन भगौर और उसका साथी रवि राठौर ने ‘मेडलर सर्विसेज ग्रुप’ नाम से एक बोगस कंपनी बनाई थी, जिसके खातों में साइबर फ्रॉड की रकम मंगाई जाती थी। इस गैंग के 9 आरोपी अभी फरार हैं।
इसी क्रम में थाना शाहगंज पुलिस ने लोन के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के 6 सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सोशल मीडिया पर मोबीक्विक लोन ऐप का प्रचार करता था। लोन के इच्छुक लोगों से मोबाइल नंबर लेकर ऐप डाउनलोड कराते, 5 हजार रुपये फीस के नाम पर जमा कराते और 50 हजार रुपये का लोन तुरंत स्वीकृत करने का झांसा देते थे। बाद में ओटीपी हासिल कर वॉलेट से रकम निकाल ली जाती थी। यह गिरोह राजस्थान से संचालित हो रहा था।
एडीसीपी आदित्य कुमार ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फर्जी आधार कार्ड बनवाने के लिए जनसेवा केंद्रों का इस्तेमाल करते थे। सिकंदरा क्षेत्र के पनवारी निवासी जनसेवा केंद्र संचालक पवन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। कई अन्य जनसेवा केंद्र संचालक पुलिस की रडार पर हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में आगरा और राजस्थान के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले अपराधी शामिल हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने दिनेश जादोन पुत्र शिवराम जादौन निवासी शास्त्रीपुरम थाना सिकन्दरा कमिश्नरेट आगरा, सौरभ गोयल पुत्र अशोक कुमार नि० डाटा भवन, एसबीआई बैंक के पास बेलन गंज थाना छत्ता, मनीष शर्मा पुत्र भगवान दास निवासी ओल्ड सब्जी मण्डी कस्बा व थाना इरादत नगर जिला आगरा, ध्रुव गुप्ता पुत्र शैलेश गुप्ता निवासी बलकेश्वर चौराहा, थाना कमलानगर, अमर जीत पुत्र तुलाराम निवासी ग्राम नंगला बुडी, ओमनगर, शीतल रोड, खंदारी थाना हरिपर्वत, पवन कुमार पुत्र जगदीश प्रसाद निवासी जऊपुरा, पनवारी थाना सिकन्दरा, जीतेन्द्र पुत्र किशन सिंह, निवासी ग्राम मोहम्मदपुर, शास्त्रीपुरम, दहतोरा, थाना सिकंदरा, अभिषेक मोर्य पुत्र दिलीप मोर्य निवासी नन्दपुरा, देवरी रोड, थाना सदर बाजार, तुषार गुप्ता पुत्र राकेश गुप्ता निवासी गुडहाई मण्डी, थाना ताजगंज, रोहित गुप्ता पुत्र अनिल गुप्ता निवासी मलको गली थाना ताजगंज, विनय सिंह राणा पुत्र रंजीतसिंह निवासी बाग नानकचन्द, ईदगाह, थाना शाहगंज, रितेश सारस्वत पुत्र रामगोपाल सारस्वत निवासी भिलावटी, पोस्ट कुकथला थाना अछनेरा आगरा, सद्दाम हुसैन पुत्र मौहम्मद आरिफ निवासी नरीपुरा थाना शाहगंज, विवेक कुमार पुत्र चन्द्रसैन निवासी पुरा कनेरा, तरासोपुरा थाना बाह, सत्यभान पुत्र बदन सिंह निवासी पीपरा, बीसाना थाना डौकी, रघूवंशी पुत्र नाथूराम निवासी नंगला गडरिया, पोस्ट सिकन्दरा थाना फतेहाबाद, दीपक अग्रवाल पुत्र अनुप कुमार निवासी जवाहर पुरम, अलबतिया रोड थाना शाहगंज, आगरा हाल निवासी ड्रीम सिटी, पथौली नगर थाना शाहगंज, भानूप्रताप पुत्र मेघसिंह निवासी रणधीर नगर थाना न्यू आगरा, जावेद अली पुत्र साहब सिंह आजाद निवासी इस्लाम नगर, टेडी बगिया थाना ट्रांस यमुना,सुभम राठोर पुत्र दीनदयाल राठोर निवासी बलकेश्वर थाना कमलानगर, मुकुल कुमार पुत्र जगन स्वरुप निवासी न्यू गोपाल पुरा, ग्वालियर रोड, थाना सदर बाजार, बलराम तोमर पुत्र बृह्मचारी तोमर निवासी दबीना रोड, कस्बा व थाना शमशाबाद, चन्द्रप्रकाश पुत्र प्रेमप्रकाश निवासी बरौलिया बस्ती, थाना जगदीशपुरा, राजेश शर्मा पुत्र चन्द्रशेखर शर्मा निवासी गेंदालाल कालोनी, दौरेठा, थाना शाहगंज, अविनाश शर्मा पुत्र दिनेश कुमार शर्मा निवासी शिवधाम कालोनी, चौहटना थाना जगदीशपुरा, पुष्पेन्द्र पुत्र यशवन्त सिंह निवासी नगलिया नहोरदा, रूपवास जिला भरतपुर राजस्थान, संचित शर्मा पुत्र अमित शर्मा निवासी विमल विहार, पश्चिमपुरी थाना सिकन्दरा, मोनू उर्फ जयप्रकाश पुत्र थान सिंह निवासी नहौरदा, थाना रूपवास जिला भरतपुर राजस्थान, विशाल बघेल पुत्र गणपत सिंह निवासी त्रिवेणी कुंज, बोदला थाना जगदीशपुरा को गिरफ्तार किया है।