स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में आगरा को देश में तीसरा स्थान, उत्तर प्रदेश में बना नंबर-1 शहर
आगरा। स्वच्छता सर्वेक्षण के बाद अब स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में भी आगरा ने अपनी पहचान मजबूत की है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से जारी सर्वेक्षण रिपोर्ट में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में आगरा को देश में तीसरा और उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि लगातार दूसरे वर्ष हासिल कर आगरा ने अपनी साख को और भी बुलंद कर दिया है।
नई दिल्ली में हुआ सम्मान
मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने आगरा की महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा और नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल को पुरस्कार प्रदान किया। महापौर ने सम्मान प्राप्त करने के बाद कहा कि यह सफलता नगर निगम की मेहनती टीम और आगरा की जागरूक जनता की देन है। उन्होंने 2024 में मिले तीसरे स्थान को दोहराने पर खुशी जताई और कहा कि लक्ष्य अब देश में प्रथम स्थान हासिल करना है।
इंदौर और जबलपुर शीर्ष पर
केंद्रीय मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार इस श्रेणी में इंदौर पहले और जबलपुर दूसरे स्थान पर रहा, जबकि आगरा ने तीसरा स्थान पाया। इस उपलब्धि से उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों को भी प्रेरणा मिली है।
यूपी के अन्य शहरों की स्थिति
इस श्रेणी (10 लाख से अधिक आबादी वाले शहर) में उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहर शामिल हुए। इनमें कानपुर को 5वां, प्रयागराज (इलाहाबाद) को 7वां, वाराणसी को 11वां, गाजियाबाद को 12वां और लखनऊ को 15वां स्थान मिला। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदूषण नियंत्रण और वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में उत्तर प्रदेश के शहरों ने ठोस प्रयास किए हैं।
सर्वेक्षण का आधार
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 की प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर की गई। 10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 शहरों को प्रथम श्रेणी में रखा गया था। आगरा इसी श्रेणी में शामिल होकर तीसरे स्थान तक पहुंचा।
मूल्यांकन की प्रक्रिया में स्थानीय निकायों की स्वयं मूल्यांकन रिपोर्ट, एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कमेटी और प्रमुख सचिव स्तर की समीक्षा शामिल रही। इसमें कुल 8 सेक्टर को आधार बनाया गया। इनमें ठोस कचरे का जलना, सड़कों पर उड़ती धूल, निर्माण व ध्वस्तीकरण संबंधी कचरा, वाहनों से निकलने वाला धुआं, उद्योगों से फैलने वाला प्रदूषण, कूड़ा प्रबंधन, हरित आवरण और नागरिक सहभागिता शामिल है। इन्हीं मानकों पर अंकन कर शहरों की रैंकिंग तय की गई।
महापौर का संकल्प
महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने कहा कि यह पुरस्कार आगरा की जनता और नगर निगम टीम की मेहनत का परिणाम है। आने वाले वर्षों में हमारा लक्ष्य है कि आगरा केवल तीसरा नहीं बल्कि देश का नंबर-1 शहर बने।