इलाज में डॉक्टरों का सहायक बनेगा एआईः भर्ती से डिस्चार्ज तक बदलेगा चिकित्सा का तरीका, आगरा में 100 से अधिक डॉक्टरों ने ली ट्रेनिंग

मरीजों के इलाज में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डॉक्टरों का भरोसेमंद सहयोगी बनने जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया से लेकर आईसीयू केयर, डिस्चार्ज और चिकित्सा बीमा से जुड़ी जटिलताओं तक एआई डॉक्टरों की कार्यक्षमता बढ़ाएगा, जिससे कम समय में अधिक और बेहतर इलाज संभव हो सकेगा। इसी उद्देश्य से आगरा में जेनरेटिव एआई पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

Dec 21, 2025 - 18:39
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इलाज में डॉक्टरों का सहायक बनेगा एआईः भर्ती से डिस्चार्ज तक बदलेगा चिकित्सा का तरीका, आगरा में 100 से अधिक डॉक्टरों ने ली ट्रेनिंग
एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के उत्तर प्रदेश चैप्टर द्वारा शहर के एक होटल में आयोजित कार्यशाला का दीप जलाकर उद्घाटन करते एसएन मेडिकल कॊलेज के प्रिंसिपल डॊ. प्रशांत गुप्ता व अन्य़।

आगरा। मरीजों को बार-बार डॉक्टर के पास जाने या जांच रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करने की समस्या अब कम हो सकती है। एआई तकनीक के उपयोग से रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी रिपोर्ट का समेकित विश्लेषण कर सटीक निर्णय लेने में डॉक्टरों को मदद मिलेगी।

एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के उत्तर प्रदेश चैप्टर और सिनर्जी प्लस हॉस्पिटल के सहयोग से फतेहाबाद स्थित होटल ग्रांड मैक्योर में जेनरेटिव एआई फॉर हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए 100 से अधिक डॉक्टरों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कोर्स निदेशक डॉ. मयंक जैन ने कहा कि तेजी से बदलते समय में डॉक्टरों के लिए एआई का ज्ञान लेना अब अनिवार्य हो गया है। एआई रिसर्च, पब्लिकेशन और प्रेजेंटेशन के साथ-साथ क्लीनिकल प्रैक्टिस में भी अत्यंत उपयोगी है। जटिल मामलों में डॉक्टर को बार-बार मरीज के पास जाने की आवश्यकता कम होगी और रिपोर्ट्स के संयुक्त विश्लेषण से बेहतर उपचार निर्णय लिए जा सकेंगे।

दिल्ली से आए रोबोटिक जनरल सर्जन डॉ. अंशुमन कौशल ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, ऑपरेशन, आईसीयू केयर, डिस्चार्ज और बीमा संबंधी प्रक्रियाओं में एआई बड़ी भूमिका निभा सकता है। जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने पर यह मरीज की रिकवरी को भी सुनिश्चित करता है।

कार्यशाला को उत्तर प्रदेश चिकित्सा परिषद द्वारा तीन सीएमई क्रेडिट अंक प्रदान किए गए, जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रासंगिकता को दर्शाते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

ट्रेनिंग फैकल्टी में दिल्ली से आए विशेषज्ञों के साथ सहारनपुर, नागपुर और लखनऊ के अनुभवी डॉक्टर शामिल रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सर्जन और चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित रहे, जिन्होंने एआई को स्वास्थ्य सेवा के भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

SP_Singh AURGURU Editor