अमेरिकी आधिकारिक व्यापारिक नक्शे में ‘अखंड भारत’, सांसद नवीन जैन बोले- यह पीओके पर भारत के दशकों पुराने संकल्प की स्वीकार्यता

आगरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक कूटनीति का एक और ठोस परिणाम सामने आया है। अमेरिका के आधिकारिक व्यापारिक नक्शे में संपूर्ण जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा दिखाया गया है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता नवीन जैन ने इसे भारत के दशकों पुराने संकल्प की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता बताया।

Feb 7, 2026 - 20:11
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अमेरिकी आधिकारिक व्यापारिक नक्शे में ‘अखंड भारत’, सांसद नवीन जैन बोले- यह पीओके पर भारत के दशकों पुराने संकल्प की स्वीकार्यता

पत्रकारों से बातचीत में सांसद नवीन जैन ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को स्मरण करते हुए कहा कि आज वह संकल्प साकार होता दिख रहा है, जिसे लेकर हम वर्षों से कहते आए हैं, ‘जहां हुए बलिदान मुखर्जी, वह कश्मीर हमारा है।’ हमारे नेताओं ने कश्मीर की अखंडता के लिए अपने प्राणों तक की आहुति दी है और आज वही विचार विश्व मंच पर स्थापित हो रहा है।

अब पीओके छोड़ दे पाकिस्तान

सांसद नवीन जैन ने कहा कि पीओके की जनता लंबे समय से गरीबी, दमन और अस्थिरता का शिकार है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, पाकिस्तान को मानवता के नाते पीओके पर अपना झूठा दावा छोड़ देना चाहिए और इस क्षेत्र को भारत को सौंप देना चाहिए। भारत ही वहां के लोगों को सुरक्षा, विकास और सम्मानजनक जीवन दे सकता है।

मोदी सरकार की कूटनीतिक जीत

नवीन जैन ने कहा कि यह घटनाक्रम केवल नक्शे में बदलाव नहीं, बल्कि भारत की मजबूत होती वैश्विक स्थिति का प्रमाण है। यह नया भारत है, जहां ट्रेड डील भी होती हैं और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कठोर फैसले लेने की क्षमता भी है। आज पूरी दुनिया समझ चुकी है कि भारत की संप्रभुता और अखंडता पर कोई समझौता नहीं हो सकता।

कश्मीर पर भाजपा का स्पष्ट स्टैंड

सांसद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और उसका शीर्ष नेतृत्व शुरू से यह स्पष्ट करता आया है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो ऐतिहासिक भूलें अतीत में हुईं, उन्हें सुधारने का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। कश्मीर को लेकर हमारी वैचारिक और राजनीतिक प्रतिबद्धता दशकों पुरानी है, जो अब परिणाम के रूप में सामने आ रही है।

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SP_Singh AURGURU Editor