आरबीएस एजुकेशनल सोसाइटी में भ्रष्टाचार के आरोपों पर उबालः बिचपुरी कैंपस में ‘अंबरीश पाल हटाओ, कॉलेज बचाओ’ के नारों के साथ बेमियादी धरना शुरू
आगरा के प्रतिष्ठित राजा बलवंत सिंह एजुकेशनल सोसाइटी में कथित भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं और जातीय भेदभाव के आरोपों ने शुक्रवार को बड़ा उबाल ले लिया, जब क्षेत्रीय किसानों, महिलाओं, छात्रों और समाजिक संगठनों ने बेमियादी धरने का ऐलान करते हुए बिचपुरी में कॉलेज गेट पर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ज़ोरदार नारों के बीच शुरू हुआ यह आंदोलन सोसाइटी प्रशासन में पारदर्शिता, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली और हाईकोर्ट आदेशों के अनुपालन की मांगों को लेकर शुरू किया गया है।
आगरा। राजा बलवंत सिंह एजुकेशनल सोसाइटी के खिलाफ भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और भेदभाव के गंभीर आरोपों को लेकर शुक्रवार को क्षेत्रीय लोगों ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया। सुबह से ही भारी संख्या में किसान, ग्रामीण, महिलाएं, युवा और बच्चे बिचपुरी में एसबीआई के सामने एकत्र हुए और “राजा तेरी तानाशाही नहीं चलेगी”, “अंबरीशपाल हटाओ–कॉलेज बचाओ” जैसे नारों के साथ रैली की शुरुआत की।
किसान–मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह और बिचपुरी ब्लॉक प्रधान संगठन के अध्यक्ष हाकिम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में यह विरोध रैली पैदल मार्च के रूप में आगे बढ़ी और आरबीएस इंजीनियरिंग एंड टेक्निकल कैंपस के मुख्य द्वार पर पहुंचकर बेमियादी धरने में बदल गई। धरना स्थल पर बड़े पैमाने पर महिलाएं, बच्चे और बुज़ुर्ग तक जमा हुए, जिन्होंने सोसाइटी प्रशासन पर अव्यवस्था और पक्षपात के आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
पूर्व प्रधान लड़ामदा ठाकुर कृपाल सिंह ने बताया कि आंदोलन 12 प्रमुख मांगों को लेकर शुरू किया गया है, जिसमें सोसाइटी की व्यापक ऑडिट, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, मृतक आश्रितों को अनिवार्य नौकरी, हाईकोर्ट के आदेशों का पूर्ण अनुपालन, पुराने बायलॉज की पुनः बहाली, और भूमि देने वाले किसानों के बच्चों को वेटेज/आरक्षण देना शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही शिकायतों की अनदेखी ने क्षेत्र में असंतोष को और गहरा कर दिया है।
धरना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए थाना जगदीशपुरा के निरीक्षक अपराध आई.पी. सिंह, बिचपुरी चौकी प्रभारी मोहित मालिक तथा पर्याप्त पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने प्रदर्शन शांतिपूर्ण रखने की अपील की और स्थिति पर सतत निगरानी बनाए रखी।
धरने में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल हुए। पूर्व प्रधान कृष्णवीर सिंह सोलंकी, ठाकुर कृपाल सिंह लड़ामदा, पुष्पेंद्र सिंह चौधरी (फौजी), गोविंद सिंह चौधरी, मनोज माहौर, भरत सिंह सोलंकी, बनै सिंह पहलवान, मनु सोलंकी, प्रदीप चौधरी प्रधान, प्रदीप राना, टिंकूराज
इनमें प्रमुख थे।
धरना लगातार जारी है और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक सोसाइटी में पारदर्शिता एवं न्याय सुनिश्चित नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।