आगरा की विजय नगर कॊलोनी में अवैध खनन के आरोपों की निकली हवा: संयुक्त जांच में व्यापारी नेता नितेश अग्रवाल को मिली क्लीन चिट, बिना जुर्माना छोड़ी गई जेसीबी, गलत रिपोर्ट देने वाले चौकी इंचार्ज को हटाया गया
आगरा। विजय नगर स्थित निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन में अवैध खनन के आरोपों पर प्रशासनिक जांच ने बड़ा खुलासा किया है। खनन विभाग और आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की संयुक्त जांच में सर्राफा व्यापारी एवं व्यापारी नेता नितेश अग्रवाल के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी के निर्देश पर जब्त की गई जेसीबी मशीन को बिना किसी अर्थदंड के अवमुक्त कर दिया गया। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए आरोपों के बेबुनियाद होने पर भी प्रशासनिक मुहर लग गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों की हुई प्रशासनिक जांच
विजय नगर क्षेत्र स्थित सर्राफा व्यापारी एवं व्यापारी नेता नितेश अग्रवाल के निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन में बेसमेंट निर्माण के दौरान कथित अवैध खनन का मामला पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो के आधार पर शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई।
शिकायत के बाद खनन विभाग ने जब्त कराई थी जेसीबी
शिकायत के आधार पर खनन विभाग ने 5 जून 2026 को निर्माण कार्य में लगी जेसीबी मशीन संख्या यूपी-80 जीटी-7929 को कब्जे में लेकर थाना हरिपर्वत में खड़ा करा दिया था। इसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर संयुक्त जांच समिति गठित की गई।
खनन विभाग और एडीए की संयुक्त जांच में नहीं मिली पुष्टि
6 जून 2026 को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के आदेश पर गठित संयुक्त जांच समिति में ज्येष्ठ खनन अधिकारी एवं आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के प्रवर्तन अधिकारी को शामिल किया गया। समिति ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया तथा उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों का परीक्षण किया। जांच के दौरान अवैध खनन के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी।
जिलाधिकारी ने बिना अर्थदंड के जेसीबी छोड़ने के दिए आदेश
संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने 10 जून 2026 को जेसीबी मशीन को बिना किसी अर्थदंड के अवमुक्त करने के निर्देश जारी कर दिए। इसके बाद ज्येष्ठ खनन अधिकारी ने थाना हरिपर्वत को पत्र भेजकर मशीन को तत्काल अवमुक्त करने का आदेश दिया।
नितेश अग्रवाल ने लगाया था अनुचित दबाव बनाने का आरोप
सर्राफा व्यापारी नितेश अग्रवाल का कहना है कि उनके निर्माण कार्य को लेकर जानबूझकर भ्रामक जानकारी प्रसारित की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय नगर चौकी प्रभारी द्वारा उन पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा था और सहयोग न करने पर खनन विभाग को गलत रिपोर्ट भेजी गई।
नितेश अग्रवाल ने पूरे प्रकरण की शिकायत पुलिस कमिश्नर, आगरा से भी की थी। उनका दावा है कि शिकायत का संज्ञान लेने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच कराई, जिसके उपरांत संबंधित चौकी प्रभारी का स्थानांतरण कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यह सारा किया धरा चौकी इंचाज्र का ही था। चौकी इंचार्ज द्वारा हर तरह का दबाव बनाया गया, लेकिन न मानने पर खनन की कहानी रचकर दबाव में लेने की कोशिश की गई। जांच में चौकी इंचार्ज की भूमिका सामने आने पर ही उन्हें चौकी से हटाया गया।
व्यापारी संगठनों ने किया निष्पक्ष जांच का स्वागत
मामले में संयुक्त जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद व्यापारी संगठनों ने प्रशासन की निष्पक्ष कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना है कि जांच से स्पष्ट हो गया है कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं थे। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ आरोप प्रसारित करना उचित नहीं है।
जांच पूरी होने और प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद निर्माण कार्य पूर्ववत शुरू हो गया है। जांच रिपोर्ट के बाद मामले को लेकर फैली तमाम आशंकाओं और विवादों पर भी विराम लग गया है।