तनावपूर्ण चिकित्सकीय जीवन में शांति की पहल, आर्ट ऑफ लिविंग का ध्यान सत्र बना प्रेरणा का स्रोत
आगरा। आगामी विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष्य में सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा में आज आर्ट ऑफ लिविंग संस्था द्वारा एक विशेष 45 मिनट का ध्यान सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र संस्था की वरिष्ठ प्रशिक्षिकाओं नीता सरीन एवं ममता रल्ली के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज के छात्रों व चिकित्सकों को मिला मानसिक शांति का अनुभव
आगरा। आगामी विश्व ध्यान दिवस के उपलक्ष्य में सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा में आज आर्ट ऑफ लिविंग संस्था द्वारा एक विशेष 45 मिनट का ध्यान सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र संस्था की वरिष्ठ प्रशिक्षिकाओं नीता सरीन एवं ममता रल्ली के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इस ध्यान सत्र का मुख्य उद्देश्य मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को तनाव प्रबंधन, मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच के महत्व से अवगत कराना था। कार्यक्रम में भाग लेने वालों ने व्यस्त और दबाव भरे चिकित्सकीय वातावरण से कुछ समय निकालकर ध्यान के माध्यम से आत्मिक शांति का अनुभव किया।
सरल तकनीकों से मिला तनावमुक्ति का संदेश
ध्यान सत्र के दौरान प्रशिक्षिकाओं ने सरल एवं प्रभावी ध्यान तकनीकों के माध्यम से प्रतिभागियों को मन को शांत रखने, एकाग्रता बढ़ाने तथा दैनिक जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय बताए। सत्र के दौरान वातावरण पूरी तरह शांत और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर नजर आया। मेडिकल छात्र-छात्राओं के साथ-साथ फैकल्टी सदस्य और स्वास्थ्यकर्मी भी इस सत्र में उत्साहपूर्वक शामिल हुए। सभी ने ध्यान अभ्यास को न केवल सहज बल्कि अत्यंत प्रभावशाली बताया।
चिकित्सकीय क्षेत्र में ध्यान की विशेष भूमिका
वरिष्ठ प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित ध्यान अभ्यास मानसिक तनाव को कम करने के साथ-साथ कार्यक्षमता, निर्णय क्षमता और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि मेडिकल शिक्षा और चिकित्सकीय सेवाओं से जुड़े लोग अत्यधिक मानसिक दबाव में कार्य करते हैं, ऐसे में ध्यान उनके लिए संतुलन बनाए रखने का सशक्त माध्यम बन सकता है।
वरिष्ठ संकाय सदस्यों की उपस्थिति
इस अवसर पर कॉलेज के वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. योगिता द्विवेदी, डॉ. अंकुर गोयल, डॉ. अपूर्व मित्तल, डॉ. अर्पिता सक्सेना, डॉ. अल्का सहित अन्य चिकित्सक और शिक्षक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की।
मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में अहम कदम
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने ध्यान सत्र को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक और तनावमुक्त करने वाला बताया तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ प्रशांत गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं और मेडिकल संस्थानों में इनका निरंतर आयोजन समय की आवश्यकता है।