कागजों में कारोबार, हकीकत में शून्य, 5 करोड़ से ज्यादा की आईटीसी फर्जीवाड़ा उजागर, मुकदमा दर्ज

आगरा में 5.07 करोड़ रुपये की आईटीसी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। 2018-19 और 2019-20 में बिना वास्तविक व्यापार के आईटीसी क्लेम करने का आरोप है। जांच में पीपल मंडी स्थित घोषित पते पर फर्म बंद और अस्तित्वहीन मिली। जीएसटी पंजीकरण निरस्त कर फर्म स्वामी मोहित अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना लोहामंडी पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

Feb 17, 2026 - 16:15
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कागजों में कारोबार, हकीकत में शून्य, 5 करोड़ से ज्यादा की आईटीसी फर्जीवाड़ा उजागर, मुकदमा दर्ज
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आगरा। राज्य कर विभाग की जांच में फर्जी जीएसटी फर्म के जरिए 5.07 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) धोखाधड़ी का बड़ा मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि वर्ष 2018-19 और 2019-20 के दौरान बिना किसी वास्तविक व्यापार के करोड़ों रुपये की आईटीसी क्लेम की गई।

जांच के दौरान विभागीय टीम ने घोषित पते 1/134 पीपल मंडी, भेरों नाला, लोहामंडी पर सत्यापन किया। मौके पर फर्म संचालित नहीं मिली और परिसर बंद पाया गया। इसके बाद विशेष जांच शाखा (SIB) द्वारा किए गए सर्वे में फर्म को “अस्तित्वहीन” घोषित किया गया।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फर्जी लेनदेन दर्शाकर आईटीसी का लाभ उठाया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित फर्म का जीएसटी पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है।

इस मामले में फर्म स्वामी मोहित अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। राज्य कर विभाग की शिकायत पर थाना लोहामंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि फर्जी बिलिंग, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ भी की जाएगी। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है। मामले के उजागर होने के बाद विभाग ने कर चोरी और फर्जी आईटीसी क्लेम के खिलाफ अभियान तेज करने के संकेत दिए हैं।