वैलेन्टाइन डे पर कैस्पर्स होम का करुणा संदेश, पशु प्रेमियों से मतभेद नहीं मानवता दिखाने की अपील

आगरा। वैलेन्टाइन डे के अवसर पर प्रेम और करुणा का संदेश देते हुए कैस्पर्स होम के बैनर तले पशु प्रेमियों ने कमला नगर स्थित कन्हैया पार्क में विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन रायपुर में सामुदायिक श्वान को भोजन कराने पर हुई मारपीट के बाद शिव प्रसाद ध्रुव की हत्या के विरोध में किया गया। इस अवसर पर देशभर में अखिल भारतीय स्तर पर पशु प्रेमियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने की जानकारी दी गई।

Feb 14, 2026 - 19:13
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वैलेन्टाइन डे पर कैस्पर्स होम का करुणा संदेश, पशु प्रेमियों से मतभेद नहीं मानवता दिखाने की अपील
वैलेन्टाइन डे पर कमला नगर स्थित कन्हैया पार्क में फीडर्स के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करते कैस्पर्स होम के पदाधिकारी और पशु प्रेमी।

धर्म और कानून दोनों पशु रक्षा की शिक्षा देते हैं

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कैस्पर्स होम की चेयरपर्सन विनीता अरोरा ने कहा कि हमारा धर्म और संविधान दोनों हमें जीव-जंतुओं की रक्षा करना सिखाते हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज कुछ लोग पशुओं की सेवा करने वालों के साथ ही दुर्व्यवहार और हिंसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, विशेषकर अपार्टमेंट्स, गेटबंद कॉलोनियों और हाईराइज सोसाइटीज़ में, जहां भारत के कानून को भी मानने से इनकार किया जा रहा है।

फीडर्स को धमकाया और प्रताड़ित किया जा रहा

वक्ताओं ने कहा कि सबसे अधिक समस्या गेटबंद कॉलोनियों और हाईराइज इमारतों में देखने को मिल रही है, जहां सामुदायिक श्वानों को भोजन कराने वाले फीडर्स को लगातार धमकाया, अपमानित और प्रताड़ित किया जाता है। पशु प्रेमियों ने कहा कि कुछ लोग यह मान लेते हैं कि श्वानों को खाना खिलाना कोई अपराध है, जबकि यही वह देश है जहां परंपरा रही है कि पहली रोटी गाय और अंतिम रोटी श्वान की निकाली जाती थी।

भूखा जानवर आक्रामक होता है, पेट भरा हो तो शांत

इस अवसर पर डॉ. संजीव नेहरू ने कहा कि यदि किसी जानवर का पेट भरा होगा तो वह स्वाभाविक रूप से शांत रहेगा। श्वान तभी आक्रामक होता है जब वह भूखा हो या उसे अनावश्यक रूप से परेशान किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस को पशु प्रेमियों के साथ सहयोग करना चाहिए, न कि उन्हें अपराधी की तरह ट्रीट करना चाहिए।

देशभर में हो रही घटनाओं पर चिंता

प्रदर्शनकारियों ने रायपुर की घटना के साथ-साथ ग्वालियर, नोएडा, दिल्ली समेत अन्य शहरों में श्वानों को भोजन कराने वाली महिलाओं के साथ हो रही मारपीट और हिंसा पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह न केवल मानवता के खिलाफ है बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी है।

ये प्रमुख मांगें रखी गईं

सर्वोच्च न्यायालय को अवैध और अमानवीय आदेशों को तत्काल रद्द करना चाहिए। रायपुर में शिव प्रसाद ध्रुव की हत्या सहित देशभर में फीडर्स के साथ हो रही हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) नियमों को सख्ती से पुनः लागू किया जाए और दोषी हाउसिंग सोसाइटी गिरोहों को चेतावनी दी जाए। एफआईआर दर्ज न करने वाले और गुंडों से मिलीभगत करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। कानून का उल्लंघन करने वाली सभी आरडब्ल्यूए (RWA) को भंग कर उनके पदाधिकारियों व उपद्रवी गिरोहों को दंडित किया जाए।

बड़ी संख्या में पशु प्रेमी रहे मौजूद

प्रदर्शन में मुख्य रूप से अनिल कुमार बैगा, विनीत अरोड़ा, डॉ. संजीव नेहरू, डिंपी महेंद्रु, निशा, निमित्त, शांतनु बंसल, गरिमा शर्मा, गार्गी सिंह, अनिरुद्ध तोमर, ऋषभ सक्सेना, रिचा, हर्षिता, प्रियंका कोटवानी, प्राची जैन, सुरेखा पसरेजा सहित बड़ी संख्या में पशु प्रेमी उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor