आगरा में चंद्रशेखर आजाद का दमदार शो, जीआईसी मैदान में उमड़ा जनसैलाब

आगरा के जीआईसी मैदान में चंद्रशेखर आजाद की रैली में भारी भीड़ उमड़ी। उन्होंने 300 सीटों का दावा करते हुए मुफ्त शिक्षा-इलाज, आउटसोर्सिंग खत्म करने और आरक्षण जैसे बड़े ऐलान किए। कार्यक्रम के दौरान भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था और धक्का-मुक्की हुई, जिसे पुलिस ने संभाला। समर्थकों ने इसे ऐतिहासिक रैली बताया।

Jan 25, 2026 - 21:07
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आगरा में चंद्रशेखर आजाद का दमदार शो, जीआईसी मैदान में उमड़ा जनसैलाब
जीआईसी मैदान पर रैली को संबोधित करते सांसद चंद्रशेखर।

रैली में अव्यवस्था, धक्का-मुक्की के बीच गूंजे बड़े सियासी ऐलान, चंद्रशेखर आजाद बोले- यूपी में 300 सीटें मुमकिन

आगरा। आगरा में रविवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चंद्रशेखर आजाद ने विधानसभा चुनाव से पहले जीआईसी मैदान में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। आगरा सहित आसपास के जिलों से हजारों कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। भारी भीड़ को देखकर प्रशासन की तैयारियां चरमराती नजर आईं, वहीं कार्यक्रम स्थल पर अव्यवस्था की स्थिति भी बन गई।

‘ये भीड़ नहीं, मेरा परिवार है’

रैली को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आज की भीड़ देखकर प्रशासन की नींद उड़ गई होगी, तभी रामलीला मैदान में रैली नहीं होने दी गई। उन्होंने समर्थकों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि  “ये भीड़ नहीं, मेरा परिवार है। थोड़ी व्यवस्था संभाल लो। आज थोड़ा कष्ट सह लोगे तो आने वाले सैकड़ों साल यह पीड़ा आपके आसपास नहीं आएगी।”

300 सीटों का दावा, सरकार बनने पर बड़े ऐलान

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यदि पूरा समाज एकजुट हो जाए तो उत्तर प्रदेश में 300 सीटें जीतना संभव है। उन्होंने ऐलान किया कि आजाद समाज पार्टी की सरकार बनने पर अपने लोगों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाएंगे। गरीबों को मुफ्त शिक्षा और मुफ्त इलाज मिलेगा। आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म की जाएगी। संविदा कर्मियों को नियमित नौकरी या 50 हजार वेतन वाली पक्की नौकरी दी जाएगी। पिछड़ों और अति पिछड़ों को प्रमोशन में आरक्षण तथा पिछड़ा वर्ग के लिए 15% अलग आरक्षण लागू होगा।

कानून-व्यवस्था, महंगाई और आरक्षण पर सरकार पर हमला

उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी सरकार में बच्चियों की ओर आंख उठाने वालों के खिलाफ पुलिस को पूरी छूट होगी। महंगाई पर तंज कसते हुए बोले “15 लाख खाते में नहीं आए, लेकिन सोना 15 लाख तक जरूर पहुंच जाएगा।” यूजीएस (संशोधन) के विरोध पर उन्होंने कहा कि शोषित-वंचितों का हक मारने वाले ही इसका विरोध कर रहे हैं, संशोधन वापस हुआ तो दलित समाज सड़कों पर उतरेगा।

अल्पसंख्यक, दलित और न्यायपालिका को संदेश

ईसाई समाज पर हो रहे कथित हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी रहेगी। संभल में जज के ट्रांसफर के मुद्दे पर उन्होंने न्यायपालिका को आश्वस्त किया कि पार्टी उनकी सुरक्षा के लिए खड़ी है। दलित समाज पर अत्याचार के मामलों (मेरठ, कानपुर, हाथरस) का हवाला देते हुए एकजुटता का आह्वान किया।

रैली में अव्यवस्था, कार्यकर्ता आपस में भिड़े

भीड़ के दबाव से रेलिंग टेढ़ी हो गईं। मंच पर चढ़ने और नेता की झलक पाने को लेकर कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए, लात-घूंसे चले और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को हालात संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। समर्थकों को लड़ता देख चंद्रशेखर आजाद ने माइक संभालकर शांति की अपील की।

समर्थकों का दावा: ‘मायावती के बाद सबसे बड़ी रैली’

रैली में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि जीआईसी मैदान में इससे पहले इतनी बड़ी रैली नहीं देखी गई। उनका दावा है कि मायावती के बाद इस मैदान को अगर किसी ने भरा है, तो वह चंद्रशेखर आजाद हैं।