हृदय से जुड़ो, परमात्मा को महसूस करो: दाजी ने ध्यान के माध्यम से दिया आंतरिक शांति का मंत्र, मथुरा के पाञ्चजन्य ऑडिटोरियम में हुए हार्टफुलनेस ध्यान सत्र में उमड़ी भीड़, पद्म भूषण डॉ. कमलेश डी. पटेल ने प्रेम, करुणा और आत्मिक संतुलन का दिया संदेश
मथुरा। वैश्विक आध्यात्मिक संस्था हार्टफुलनेस के तत्वावधान में बुधवार को डेम्पियर नगर स्थित पाञ्चजन्य ऑडिटोरियम में आयोजित ध्यान सत्र में आध्यात्मिकता, आत्मिक शांति और मानवीय मूल्यों का अद्भुत संगम देखने को मिला। हार्टफुलनेस के वैश्विक मार्गदर्शक एवं पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. कमलेश डी. पटेल (दाजी) ने उपस्थित लोगों को हृदय-आधारित ध्यान का अभ्यास कराते हुए जीवन में आंतरिक शांति, संतुलन और आत्मिक उन्नति का मार्ग बताया।

दाजी ने कहा कि मनुष्य के जीवन में वास्तविक शांति और संतुलन का आधार हृदय से जुड़ाव है। धर्म, ईश्वर, परंपरा और मान्यताओं पर विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा को केवल अनुभूति के माध्यम से ही जाना जा सकता है और यह अनुभूति नियमित ध्यान, प्रेम और आंतरिक शुद्धि से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि प्रेम केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि संपूर्ण प्रकृति और सृष्टि के प्रति होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य अपने भीतर की अशुद्धियों को दूर नहीं करता, तब तक ईश्वर की वास्तविक अनुभूति संभव नहीं है। दाजी ने वर्तमान समय में धर्म की स्थिति पर भी विचार रखे तथा भगवान श्रीकृष्ण के युग और वर्तमान परिवेश की तुलना करते हुए जीवन में नैतिकता, करुणा और मानवीय मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।
दाजी ने कहा कि हार्टफुलनेस ध्यान पद्धति केवल आध्यात्मिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि यह व्यक्ति को गृहस्थ, सामाजिक और व्यावसायिक जीवन में भी संतुलित, संवेदनशील और उत्तरदायी बनाती है। उन्होंने बताया कि जीवन की जटिलताओं के बीच मन को शांत और स्थिर रखने के लिए ध्यान अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान हार्टफुलनेस ध्यान पद्धति की प्रमुख प्रक्रियाओं—शरीर एवं मन को शांत करना, हृदय पर ध्यान केंद्रित करना, प्राणाहुति तथा आंतरिक स्वच्छता—की विस्तृत जानकारी भी दी गई। ध्यान सत्र में प्राणाहुति ऊर्जा के माध्यम से साधकों को आंतरिक शांति, सकारात्मकता और आत्मिक संतुलन का अनुभव कराया गया।
ध्यान सत्र में बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन तथा नगर आयुक्त जग प्रवेश सिंह ने दाजी का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में संस्था की ओर से वामसी चालागुल्ला, ऋषभ कोठारी, अर्जुन अग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा, आत्मचिंतन और सकारात्मक जीवन मूल्यों का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।