ताज जोन पर संकट: धूल-प्रदूषण और जल संकट से जूझती फतेहपुर सीकरी, तेरहमोरी बांध को कार्यशील कराने की उठी ज़ोरदार मांग

आगरा/फतेहपुर सीकरी। ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में वायु प्रदूषण और भूजल संकट की मार सबसे अधिक फतेहपुर सीकरी झेल रही है। फतेहपुर सीकरी नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती शबनम इस्लाम ने सूक्ष्म धूल कणों (एसपीएम) की अत्यधिक बहुलता को जनस्वास्थ्य के लिए घातक बताते हुए ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण से तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फतेहपुर सीकरी स्वयं प्रदूषणकारी नहीं है, लेकिन राजस्थान की ओर से आने वाली धूलभरी हवाएं यहां वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही हैं।

Feb 4, 2026 - 13:52
 0
ताज जोन पर संकट: धूल-प्रदूषण और जल संकट से जूझती फतेहपुर सीकरी, तेरहमोरी बांध को कार्यशील कराने की उठी ज़ोरदार मांग
फतेहपुर सीकरी का तेरहमोरी बांध,जिसे कार्यशाली किये जाने की मांग की जा रही है।

परिषद अध्यक्ष के अनुसार, पूरे टीटीजेड में वायु प्रदूषण एक चुनौती है, लेकिन फतेहपुर सीकरी और उससे सटे ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर सबसे अधिक प्रत्यक्ष है। उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण में 2.5 माइक्रोन (2.5µm) या उससे छोटे पार्टिकुलेट मैटर की भूमिका सर्वाधिक होती है, जो श्वसन के साथ शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों की बीमारियों समेत अनेक गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न करता है।

हरित क्षेत्र बढ़ाने को भूजल सुधार अनिवार्य

श्रीमती शबनम ने ताज ट्रिपेजियम जोन अथॉरिटी के चेयरमैन एवं आगरा मंडलायुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि हरित क्षेत्र की सघनता और विस्तार तभी संभव है, जब फतेहपुर सीकरी का भूजल स्तर सुधरे। इसके लिए उन्होंने भूजल विभाग से ठोस कार्यनीति तैयार कराने का आग्रह किया है।

तेरहमोरी बांध: उपेक्षा ने बढ़ाई तबाही

नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि तेरहमोरी बांध लंबे समय तक क्षेत्र में भूजल गिरावट को थामने में अहम भूमिका निभाता रहा है। लेकिन बांध के गेट क्षतिग्रस्त और असंचालित होने के बाद स्थिति लगातार बदतर होती चली गई। आज हालात यह हैं कि पूरा क्षेत्र हैंडपंप शून्य होता जा रहा है।

उन्होंने बताया कि तेरहमोरी बांध उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के तृतीय मंडल, सिंचाई कार्य के अधीन लोअर खंड के अधिशासी अभियंता के प्रबंधन में है। उनसे अपेक्षा है कि क्षतिग्रस्त गेटों की मरम्मत के लिए तत्काल एस्टीमेट तैयार कर शासन से धन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाए।

मानसून का पानी रुकते ही सुधरती थी ज़िंदगी

पालिका परिषद अध्यक्ष ने कहा कि फतेहपुर सीकरी में गर्म हवाएं हमेशा से चलती रही हैं, लेकिन जब तक मानसून काल में तेरहमोरी बांध में जलभराव और ठहराव होता था, तब तक भूजल की स्थिति संतोषजनक रहती थी। नागरिकों का अनुभव है कि उस समय अधिकांश नगरीय क्षेत्रों में हैंडपंप चलते थे और लगाए गए पेड़ सफलतापूर्वक पनपते थे। अब हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं और क्षेत्र सूखाग्रस्त स्थिति की ओर बढ़ रहा है।

रबी की बुवाई तक पानी रोके जाने की मांग

नगर पालिका अध्यक्ष ने मांग की है कि तेरहमोरी बांध में जलभराव सुनिश्चित कर रबी की बुवाई तक पानी का ठहराव रखा जाए, ताकि भूजल स्तर में वास्तविक सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो जिलाधिकारी के माध्यम से शासन स्तर पर भी पत्राचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि तेरहमोरी बांध विश्व धरोहर फतेहपुर सीकरी स्मारक समूह से जुड़े बांध के रूप में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), आगरा सर्किल की सूची में दर्ज है।

प्रबुद्धजन भी बांध मरम्मत के पक्ष में

सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि सोसाइटी नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों से पूर्णतः सहमत है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर पाराशर (अकबर के हिंदू पुरोहित), नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष इस्लाम, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र शुक्ला, डाबर गांव के पूर्व प्रधान धर्म सिंह माहुरा, असलम सलीमी सहित कई प्रबुद्धजनों से संवाद किया गया। सभी का मत है कि भरतपुर (राजस्थान) के अजान बांध के डाउन कैचमेंट और फतेहपुर सीकरी रिज एरिया से पर्याप्त पानी तेरहमोरी बांध तक पहुंचता है, लेकिन गेट और स्ट्रक्चर की मरम्मत न होने से जलराशि बह जाती है। परिणामस्वरूप मानसून समाप्त होते ही पूरा क्षेत्र सूखे की चपेट में आ जाता है।

SP_Singh AURGURU Editor