राजामंडी मेट्रो स्टेशन का नाम बाबू गुलाब राय के नाम पर रखने की उठी मांग, हिंदी शोधार्थियों को मिलेगी छात्रवृत्ति, स्मृति संस्थान की आम बैठक में बड़े फैसले, डॉ. शशि तिवारी फिर बनीं अध्यक्ष, डॉ. तरुण शर्मा को दोबारा मिली महामंत्री की जिम्मेदारी
आगरा। हिंदी साहित्य के पुरोधा बाबू गुलाब राय की स्मृतियों को स्थायी पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बाबू गुलाब राय स्मृति संस्थान ने राजामंडी मेट्रो स्टेशन का नाम उनके नाम पर रखने की मांग उठाई है। संस्थान की आम बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया और इस संबंध में एक मांग पत्र विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल को सौंपा गया। बैठक में हिंदी के शोधार्थियों को छात्रवृत्ति देने, मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने, राष्ट्रीय स्तर का साहित्यिक आयोजन करने तथा बाबू गुलाब राय पर विशेष स्मारिका प्रकाशित करने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
दिल्ली गेट स्थित पुष्पांजलि हॉस्पिटल के सामने एमिनेंट होटल के सभागार में रविवार को आयोजित संस्थान की आम बैठक की अध्यक्षता डॉ. शशि तिवारी ने की। मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल रहे। बैठक में साहित्यकारों, संस्कृतिकर्मियों और बुद्धिजीवियों ने संस्थान की भावी योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बाबू गुलाब राय के नाम पर हो राजामंडी मेट्रो स्टेशन
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि राजामंडी मेट्रो स्टेशन का नाम हिंदी साहित्य के यशस्वी चिंतक और निबंधकार बाबू गुलाब राय के नाम पर रखा जाना चाहिए। इसके लिए शासन स्तर पर पहल करने हेतु एक औपचारिक पत्र विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल को सौंपा गया। सदस्यों का मानना है कि आगरा की साहित्यिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
हिंदी शोधार्थी को मिलेगी छात्रवृत्ति
संस्थान ने निर्णय लिया कि बाबू गुलाब राय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर शोध कार्य करने वाले देश के किसी एक हिंदी शोधार्थी को विशेष छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही आगरा और बनारस के एक-एक मेधावी हिंदी विद्यार्थी को पूर्ववत पुरस्कार राशि देकर सम्मानित करने की योजना भी जारी रहेगी।
राष्ट्रीय कार्यक्रम और स्मारिका का होगा प्रकाशन
बैठक में बाबू गुलाब राय की स्मृति में राष्ट्रीय स्तर के साहित्यिक कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। साथ ही उनके जीवन, साहित्य और विचारों पर आधारित एक विशेष स्मारिका प्रकाशित करने का निर्णय लिया गया। यह स्मारिका आगामी छह माह के भीतर प्रकाशित की जाएगी। संस्थान ने आगामी माह में भी एक साहित्यिक आयोजन करने की घोषणा की।
पिछली योजनाओं की समीक्षा, भविष्य की रणनीति पर चर्चा
आम बैठक में पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों और उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। संस्था की गतिविधियों को अधिक प्रभावी, व्यापक और जनसरोकारों से जोड़ने के लिए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए। भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान कोषाध्यक्ष द्वारा संस्था का आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन
बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। सर्वसम्मति से डॉ. शशि तिवारी को पुनः अध्यक्ष तथा डॉ. तरुण शर्मा को पुनः महामंत्री चुना गया।
संस्था के संरक्षक मंडल में डॉ. एसपी सिंह, वसुधा गुप्ता, डॉ. गिरधर शर्मा तथा डॉ. राजेंद्र मिलन को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उपाध्यक्ष पद पर इंजीनियर राकेश कुमार, सुबोध शंकर और आदर्श नंदन गुप्त नियुक्त किए गए हैं। मंत्री पद की जिम्मेदारी संजय राय, डॉ. महेश धाकड़ और शरद गुप्त को दी गई है। कोषाध्यक्ष विजित गुप्ता बनाए गए हैं।
कार्यकारिणी सदस्यों में डॉ. वेद त्रिपाठी, अम्बरीष पटेल, डॉ. दीपशिखा, डॉ. सुनीता शर्मा, संजय गुप्त तथा डॉ. यशोयश को शामिल किया गया है।
आगरा में भी बनेगा 'ठलुआ क्लब'
बैठक का एक और महत्वपूर्ण निर्णय आगरा में ‘ठलुआ क्लब’ की स्थापना को लेकर रहा। यह क्लब बनारस की तर्ज पर साहित्यकारों, संस्कृतिकर्मियों और बुद्धिजीवियों को एक मंच पर लाने का कार्य करेगा। उल्लेखनीय है कि इस अनूठी परंपरा की शुरुआत स्वयं बाबू गुलाब राय ने बनारस में की थी। संस्थान अब इसे आगरा में नए स्वरूप के साथ आगे बढ़ाएगा। क्लब के बैनर तले आगामी होली पर्व पर विशेष रंगारंग और रचनात्मक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया है।
बैठक के अंत में अध्यक्ष डॉ. शशि तिवारी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया और संस्था के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। सौहार्दपूर्ण वातावरण में बैठक का समापन हुआ।