आगरा की 104 ग्राम पंचायतों में खुलेगी डिजिटल लाइब्रेरी, ग्रामीण युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान

आगरा। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और अवसरों के बीच की खाई को पाटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक और ऐतिहासिक पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप पंचायती राज विभाग द्वारा आगरा जनपद की 104 ग्राम पंचायतों में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है। यह योजना ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार की तैयारी में सशक्त बनाने का मजबूत आधार बनेगी।

Dec 20, 2025 - 21:12
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आगरा की 104 ग्राम पंचायतों में खुलेगी डिजिटल लाइब्रेरी, ग्रामीण युवाओं के सपनों को मिलेगी नई उड़ान
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आगरा। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और अवसरों के बीच की खाई को पाटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक और ऐतिहासिक पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप पंचायती राज विभाग द्वारा आगरा जनपद की 104 ग्राम पंचायतों में अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है। यह योजना ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार की तैयारी में सशक्त बनाने का मजबूत आधार बनेगी।

इन डिजिटल लाइब्रेरी में केवल पारंपरिक पुस्तकें ही नहीं, बल्कि कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट और ऑनलाइन क्विज जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी। अब ग्रामीण छात्रों को न तो महंगी कोचिंग का बोझ उठाना पड़ेगा और न ही शहरों की दूरस्थ लाइब्रेरी तक भटकना होगा। आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं होगी।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मजबूत केंद्र

डिजिटल लाइब्रेरी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को UPSC, SSC, बैंकिंग, पुलिस, शिक्षक भर्ती सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के अवसर देना है। यहां प्रसिद्ध लेखकों की प्रामाणिक पुस्तकें और लगभग 20 हजार डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे छात्र अपनी तैयारी को नई दिशा और गति दे सकें।

हर लाइब्रेरी पर 4 लाख रुपये का निवेश

मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने बताया कि प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर करीब 4 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से 2 लाख रुपये पुस्तकों की खरीद पर, 1.30 लाख रुपये आईटी इक्विपमेंट पर और 7 हजार रुपये आधुनिक फर्नीचर पर व्यय होंगे। डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव द्वारा किया जाएगा, जबकि सहायक अधिकारी इसकी नियमित निगरानी और देखरेख सुनिश्चित करेंगे।

यूपी डेस्को से होगी खरीद, पारदर्शिता पर जोर

उन्होंने बताया कि पुस्तक चयन की प्रक्रिया समिति द्वारा पूरी कर ली गई है। अब पुस्तकों और उपकरणों की खरीदारी यूपी डेस्को के माध्यम से पंचायती राज विभाग द्वारा की जाएगी, ताकि गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे। डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की तैयारी अब अंतिम चरण में है।

समान अवसर, आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम

मुख्य विकास अधिकारी के अनुसार ये डिजिटल लाइब्रेरी ग्रामीण युवाओं को भी वही प्रतिस्पर्धात्मक माहौल उपलब्ध कराएंगी, जो अब तक शहरी युवाओं तक सीमित था। यह पहल सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि रोजगार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है। निश्चित रूप से यह योजना ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।